राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के अंदर ही अंदर जो कलह है उसका नुकसान पूरा प्रदेश भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री डा. किरोड़ीलाल मीणा एक-दूसरे की बट निकाल रहे हैं। उन्होंने शिक्षामंत्री मदन दिलावर को भी लेकर निशाना साधा। बोले- सीएम और किरोड़ी लाल एक दूसरे को नीचे दिखा रहे बांसवाड़ा से सोमवार शाम को उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर पहुंचे डोटासरा मीडिया से बातचीत कर रहे थे। एसआई भर्ती के सवाल पर बोले कि हम तो यह कह रहे हैं कि यह सरकार फेल है। सीएम शर्मा मंत्री किरोड़ीलाल का और किरोड़ीलाल सीएम का बट निकालना चाहते हैं। वे एक-दूसरे को नीचा दिखाने का काम कर रहे हैं। सरकार में कैबिनेट होती है और उसको सामूहिक रूप से फैसले लेने चाहिए।
वे बोले कि असल में भर्ती निरस्त कर देते तो किरोड़ी की जीत हो जाती है और नहीं करें तो ये मंत्री रहे या नहीं। असल में ये सरकार नहीं सर्कस हैं। देश में पर्ची सरकार का जो मॉडल भाजपा लेकर आई है वह ठीक नहीं है। कहा- शिक्षा मंत्री को माइक पकड़ा दो तो गालियां निकालते हैं डोटासरा ने कहा- प्रदेश में पोपाबाई का राज चल रहा है। शिक्षामंत्री नाम की कोई चीज नहीं है। शिक्षामंत्री का काम है गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और शिक्षा को लेकर अच्छा काम करें लेकिन इन शिक्षामंत्री के सामने तो बस माइक लगा दो तो ये गाली निकालना शुरू कर देते है। ये शिक्षामंत्री गर्मी पड़ रही हो तो कांग्रेस की देन है, एक्सीडेंट हो रहे है तो कांग्रेस की देन बता देते है। शिक्षा को लेकर ये सरकार यू टर्न सरकार हो गई है। इनके लिए मै ज्यादा कुछ कहूंगा तो मेरी जुबान खराब होगी। समसा में साक्षात्कार वापस क्यों करवा रहे
डोटासरा ने कहा कि शिक्षा विभाग में समसा में प्रतिनियुक्ति से टीचर लगते है। इसके लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी हो गई है और फाइल मंत्री के पास पड़ी है। असल में उसमें आरएएस और भाजपा एमएलए के लोग नहीं है इसलिए अब उन साक्षात्कार को निरस्त कर रहे है। सवाल यह है कि समसा के साक्षात्कार हुए तरे प्रतिनियुक्ति के आदेश अब तक जारी क्यों नहीं किए है। अंग्रेजी स्कूलों के नाम से साजिश रच रहे
उन्होंने कहा कि अंग्रेजी मीडियम स्कूल बंद करने को लेकर साजिश रच रहे है। प्रदेश में सवा सात लाख बच्चे पढ़ रहे है। 3737 स्कूल में 45 हजार टीचर के पद स्वीकृत है। इनमें बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ रहे है। ये निजी स्कूल और अपने आदर्श स्कूलों को पुर्नजीवित करने के लिए यह काम मिलीभगत से कर रहे है। इन महात्मा गांधी स्कूलों में कोई कमी है तो उनको ठीक किया जाए।


