पेंच टाइगर रिज़र्व (मध्य प्रदेश) से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व बूंदी (राजस्थान) में इंटरस्टेट टाइगर ट्रांसलोकेशन प्रोसेस जारी है। पेंच टाइगर रिजर्व में पहचानी गई बाघिन एयर लिफ्टिंग से बूंदी के रामगढ़ टाइगर रिजर्व में शिफ्टिंग होगी। इसी कड़ी में मंगलवार को बूंदी में एयरलिफ्ट से शिफ्टिंग का ट्रायल रन (अभ्यास) किया गया। हेलीकॉप्टर बूंदी के पुलिस परेड ग्राउंड पर बनाए अस्थाई हेलीपैड पर उतरा मुकंदरा टाइगर रिजर्व सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया कि दोपहर में फलौदी जोधपुर से एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर ने बूंदी के पुलिस परेड ग्राउंड पर बनाए अस्थाई हेलीपैड पर उतरा। टीम ने ट्रायल रन के दौरान लेडिंग की स्थिति और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पेंच रिजर्व में एनटीसीए के मापदंड के अनुसार ट्रेंकुलाइज होने के बाद बाघिन बूंदी में एयरलिफ्टिंग से शिफ्टिंग होगी। ट्रेंकुलाइज के बाद बाघिन को पेंच रिजर्व से सुखतारा (सिवनी) लाया जाएगा। यहां ट्रेनिग इंस्टीट्यूट के हेलीपैड से बूंदी के लिए शिफ्टिंग होगी। रेडियो कॉलर टूटा, फिर से बाघिन को तलाश रही टीमें पेंच रिजर्व में पहचानी गई बाघिन पीएन 224 का रेडियो कॉलर टूट गया। जिसके बाद फॉरेस्ट की टीमें फिर से बाघिन की तलाश में जुटी है। 5 दिसंबर को बाघिन को ट्रेंकुलाइज करके रेडियो कॉलर पहनाया था। सिग्नल मिलना बंद होने पर टीमों ने तलाश शुरू की तो 6 दिसंबर को रेडियो कॉलर झाड़ियों में पड़ा मिला। जिससे फॉरेस्ट टीम की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गई। फॉरेस्ट की टीमें ट्रैप कैमरा और पैदल गश्त से बाघिन के मूवमेंट पर नजर रखे हुए है। बाघिन को दोबारा ट्रेंकुलाइज किया जाना है। ————– ये खबर भी पढ़िए… AI कैमरा और हाथी दल की मदद से बाघिन ट्रेस:पेंच अभयारण्य में टाइग्रेस लक्षित को पहनाया रेडियो कॉलर, अब गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिज़र्व से राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व तक चल रहे अंतरराज्यीय बाघ स्थानांतरण अभियान में आज सफलता मिली। एमपी-महाराष्ट्र के बीच फैले पेंच अभयारण्य में पिछले कुछ दिनों प्रयासरत अभियान टीम को बाघिन लक्षित (पीएन 224) के मूवमेंट का सटीक संकेत आज सुबह AI-सक्षम कैमरा ट्रैप सिस्टम से मिला। इस इनपुट के आधार पर उप संचालक रजनीश कुमार सिंह के निर्देशन में फील्ड टीमें तुरंत संभावित लोकेशन की ओर रवाना हुईं। खबर पढ़ें


