सीकर सांसद अमराराम ने लोकसभा में एसआईआर रद्द करने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में 35 लाख लोगों ने फॉर्म नंबर 6 नहीं भरा। क्या वह लोग घुसपैठिए थे। दर्जनों BLO ने सुसाइड कर लिया था, क्या वे भी घुसपैठिए थे। सांसद अमराराम ने कहा कि हर साल जनवरी महीने में वोटर लिस्ट अपडेट होती थी। जिसमें जो वोटर मृत हो चुके होते उनके नाम हटा दिए जाते और 18 साल से अधिक उम्र वालों के नाम लिस्ट में जोड़ दिए जाते थे। फिर SIR की जरूरत कहां पर पड़ गई। SIR का केवल नोटिफिकेशन निकाला गया। उन्होंने कहा कि देश को आजाद होने के बाद जिसने 60 बार वोट दे दिया,आज भारत चुनाव आयोग उससे नागरिकता का प्रमाण पत्र मांग रहा है। पूरे देश के 95 करोड़ लोगों से फॉर्म नंबर 6 भरवाया जा रहा है, जबकि यह तो पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए है। घुसपैठियों के नाम से सांप्रदायिकता के आधार पर यह लोग सत्ता तक पहुंचे अमराराम ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि केवल और केवल घुसपैठियों के नाम से सांप्रदायिकता के आधार पर यह लोग सत्ता तक पहुंचे हैं। इस सांप्रदायिकता के आधार पर लोगों का माइंड मेकअप करने के लिए पूरे देश के लोगों को परेशान करने का काम किया जा रहा है। जिसकी उम्र 95 साल है उसकी फोटो खिंचवाने की जरूरत हो गई और फॉर्म नंबर 6 भरने की जरूरत हो गई। पहले ही घुसपैठियों को बाहर क्यों नहीं निकाला उन्होंने कहा कि अब जो वोटर लिस्ट बनेगी, उसमें वह लोग बाहर हो जाएंगे जो कमाने के लिए पलायन कर चुके हैं। SIR का प्रयोग बिहार में किया गया। भारतीय जनता पार्टी के लोग कह रहे थे कि बिहार में 35 लाख लोगों ने फॉर्म नंबर 6 नहीं भरा। मैं पूछना चाहता हूं कि उनमें से कितने घुसपैठिए हैं। तीसरी बार एनडीए की सरकार है। उन्होंने पहले ही घुसपैठियों को बाहर क्यों नहीं निकाला। सीकर सांसद ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री कहते हैं कि SIR इसलिए है कि देश में जो घुसपैठिए घुस गए हैं उन्हें बाहर किया जा सके। तो फिर पीएम और गृहमंत्री ही बताएं कि इन 35 लाख में से कितने लोग घुसपैठिए हैं जो 11 साल से इस देश में रह रहे थे। उन्हें निकालने की जिम्मेदारी सरकार की थी लेकिन वह निकाल नहीं पाए। ऐसा कोई भी राज्य नहीं जहां बिहार के लोग नहीं रहते सांसद ने कहा- जिन 35 लाख लोगों ने फॉर्म नंबर 6 नहीं भरा उनमें कई लोग तो ऐसे हैं, जो अपने परिवार को पालने के लिए बिहार से बाहर नौकरी करने के लिए चले गए। ऐसा कोई भी राज्य नहीं है जहां पर बिहार के लोग अपने परिवार सहित नहीं रहते हो। ऐसा पहली बार हुआ जब 12 राज्यों में SIR के लिए जो BLO लगाए गए, उनमें दर्जनों ने प्रताड़ना के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। क्या वह लोग भी घुसपैठिए थे। कोई भारत का नागरिक यदि विदेश में है तो वह भी ऑनलाइन फॉर्म भर देगा। लेकिन गरीब आदमी आजादी के 75 साल बाद भी अपने परिवार को बचाने के लिए अपने मूल स्थान से पलायन कर रहा है। अब वह वोटर लिस्ट से बाहर हो जाएंगे। यह खबर भी पढ़ें : सीकर में तारपुरा हवाई पट्टी से फ्लाइट्स शुरू नहीं होगी:सांसद अमराराम ने गुरुवार को लोकसभा में पूछा प्रश्न,विमानन मंत्री बोले- फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं सीकर जिले की तारपुरा हवाई पट्टी से उड़ान अभी संभव नहीं होगी। सीकर सांसद अमराराम के लोकसभा में पूछे गए सवाल पर केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री ने ये जवाब दिया है। दरअसल सीकर जिले में स्थित एकमात्र स्थायी हवाई पट्टी से एयर टैक्सी शुरू करने की मांग लंबे समय से चल रही है। सीकर सांसद अमराराम ने लोकसभा में गुरुवार को तारपुरा हवाई पट्टी को अपग्रेड करने को लेकर लिखित प्रश्न पूछा था।(पूरी खबर पढ़ें)


