शहर को पर्यावरणीय स्थिरता और हरित भविष्य की दिशा में ले जाने के उद्देश्य से, प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और रिसर्च ने इंदौर क्लाइमेट मिशन के साथ साझेदारी की है। प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डेविश जैन ने इस पहल की घोषणा करते हुए इसे शहर के लिए एक मील का पत्थर बताया। इंदौर क्लाइमेट मिशन नगर निगम को और एनर्जी स्वराज फाउंडेशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अगले 100 दिनों के भीतर ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाना और इंदौर को विश्व का अग्रणी जलवायु-संवेदनशील शहर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान प्रो. चेतन सोलंकी (जिन्हें “भारत के सोलर मैन” के रूप में जाना जाता है) ने मिशन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “हम जनवरी से मार्च 2025 के बीच बिजली खपत में 2024 की इसी अवधि की तुलना में 20% की कमी लाने के लिए कार्य करेंगे। यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रति शहर की प्रतिबद्धता का प्रमाण होगी।” डॉ. डेविश जैन ने कहा, “इंदौर क्लाइमेट मिशन के साथ हमारी साझेदारी यह सिद्ध करती है कि हम एक हरित और सतत भविष्य के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। हमारे सामूहिक प्रयास न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश के लिए एक नई जलवायु जागरूकता का मानक स्थापित करेंगे।” समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट्स की ओर से सीनियर डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार देशपांडे और डॉ. दीपाली सरवटे उपस्थित थीं। इस अवसर पर हिमांशु जैन, पीआईएमआर ग्रुप डायरेक्टर डॉ. शेर सिंह भाकर, कर्नल रमण अय्यर और डॉ. राजीव राघुवंशी भी मौजूद थे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट्स को उनकी भागीदारी के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह साझेदारी इंदौर के हरित और सतत भविष्य की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, जो आने वाले समय में प्रेरणादायक प्रभाव डालेगी।


