भास्कर संवाददाता| सीहोर जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में आधारभूत संसाधनों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर बालागुरू की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टर सभाकक्ष में जिले के उद्योग प्रतिनिधियों की बैठक हुई। कलेक्टर ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए उद्योगों का सहयोग आवश्यक है। प्रशासन ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करता है, जो बच्चों, युवाओं और समाज के हित में हों। बैठक में उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत शिक्षा और कौशल विकास संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। कलेक्टर बालागुरू ने उद्योगों को सुझाव दिया कि वे अपने आसपास के सरकारी स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए डेस्क-बेंच की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में उद्योगों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है। कई उद्योगों के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे अपने स्तर पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से किन्हीं विशेष क्षेत्रों में कार्य कराने का निर्देश मिलता है, तो वे सहयोग करेंगे। उद्योग प्रतिनिधियों में सहमति बनी: बैठक में कलेक्टर बालागुरू ने कहा कि ऐसे युवा जिन्होंने किसी ट्रेड में डिप्लोमा या अन्य पढ़ाई की है और वर्तमान में रोजगार के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे युवाओं को उनके पास के उद्योग में प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर दिए जा सकते हैं। ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने और उन्हें रोजगार उन्मुख कौशल प्रदान करने के लिए उद्योग प्रतिनिधियों ने सहमति दी है। इसके साथ ही अन्य सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर भी उद्योग प्रतिनिधियों ने विचार प्रस्तुत किए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव और डाइट की प्राचार्य अनिता बड़गूजर द्वारा उन स्कूलों के बारे में जानकारी दी गई, जहां संसाधनों की आवश्यकता है। जिला उद्योग केंद्र के महा प्रबंधक अनुराग वर्मा और आईटीसी, वर्धमान, ट्रायटेंड, अनब्रेको सहित कई उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


