गढ़वा | सहायक अध्यापक नेता दशरथ ठाकुर ने लंबे संघर्ष के बाद सफलता हासिल कर ली है। सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में चयनित ठाकुर ने गढ़वा जिला में वन टू फाइव में सहायक आचार्य के पद पर योगदान कर लिया है। वे लंबे समय से पारा शिक्षकों की लड़ाई लड़ते रहे। उन्होंने अपना नुकसान सहते हुए भी पारा शिक्षकों के हित की लड़ाई जारी रखी। योगदान के बाद श्री ठाकुर ने कहा कि वे आगे भी पारा शिक्षकों के हित की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। ठाकुर ने 2004 से ही पारा शिक्षकों के कल्याण की लड़ाई शुरू कर दी थी। वर्ष 2004 में वे पारा शिक्षक संघ डंडा सीआरसी के संरक्षक बने, जबकि 2005 में गढ़वा प्रखंड अध्यक्ष, 2009 में गढ़वा जिलाध्यक्ष, 2015 में झारखंड प्रदेश महासचिव तथा वर्ष 2018 में एकीकृत संघर्ष मोर्चा जी8 के सदस्य बने। 2018 में पारा शिक्षक के हित में आंदोलन के दौरान झारखंड का सबसे बड़े होटवार जेल में 19 दिनों तक बंद रहे। वे 2023 में टेट पास संघ का प्रदेश संयोजक बने। यहां तक कि पारा शिक्षक हित के लिए उन्हें कार्यमुक्त भी होना पड़ा। फिर भी उन्होंने वैधानिक तरीके से लड़ाई जारी रखी।


