एनाम खान | गढ़वा मिनी बाई पास सड़क के किनारे बने ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर का नगर परिषद उपयोग नहीं कर रहा है। उक्त सेंटर का निर्माण 15 लाख रुपए से बना था। जिसकी स्थिति वर्तमान समय में कबाड़ जैसा हो गया है। करीब चार वर्ष पहले शहर के दानरो नदी के पास ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर का निर्माण कराया गया था। इसमें ई वेस्ट से जुड़े 15 अलग-अलग प्रकार के कचरे को संग्रहित करने के लिए अलग-अलग क्षेत्र (खाने) का निर्माण कराया गया है। इसके अलावे चारों तरफ एवं ऊपर से चदरा की शीट से घेरा गया है, लेकिन वर्तमान समय में यह स्वयं ही कबाड़ हो गया है। इसके चदरे के घेराव, छत व दरवाजे बिना उपयोग के ही क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं इसके अंदर असामाजिक तत्वों या आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। इस संबंध में बताया गया कि इसके लिए गढ़वा नगर परिषद की ओर से कोलकाता का एक संस्थान (ई वेस्ट से संबंधित व्यवसाय करती है) जो दूसरे महानगरों को ही वेस्ट संग्रहण कर उसे रिसाइकिल करने के लिए किसी संबंधित एजेंसी को भेजती है। उससे संपर्क किया गया था। इसमें शर्त यह था कि ई वेस्ट से अर्जित आय का 30 प्रतिशत नगर परिषद रखेगा। वहीं शेष 70 प्रतिशत संबंधित संस्थान को मिलेगा। कोलकाता के उक्त संस्थान ने गढ़वा आकर सेंटर का निरीक्षण भी किया था। लेकिन इसके बाद उसने यह कह कर यहां संग्रहण का काम करने से इनकार कर दिया कि ई वेस्ट निकलने के लिए गढ़वा में लिमिटेड सोर्स है। यानी गढ़वा शहर से ई वेस्ट उतना नहीं निकलता जो सेंटर के संचालन के लिए पर्याप्त हो। इस तरह वेस्ट कलेक्शन पर खर्च किए गए 15 लख रुपए बेकार हो गया। पुन: लोगों को करेंगे जागरूक : ईओ नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत नगर परिषद के द्वारा दानरो नदी के किनारे ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर बनाया गया था। उन्होंने कहा कि 15 लाख रुपए की लागत से उक्त केंद्र को स्थापित किया गया था, लेकिन नगर परिषद के लोगों में जागरूकता की कमी होने के कारण उक्त सेंटर का उपयोग नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद एक बार पुनः उक्त केंद्र को उपयोग में लाने को लेकर प्रयास करेगा। वहीं ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर की मरम्मती भी कराई जाएगी। ताकि उसका उपयोग किया जा सके।


