गिरिडीह | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमुआ के हॉल में मंगलवार को राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य प्रैक्टिशनरों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीएचसी जमुआ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुलदीप तिरकी ने की। प्रशिक्षण के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग कंसल्टेंट इंद्रदेव और एमटीएस संजीव कुमार ने प्रतिभागियों को मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया,फाइलेरिया सहित विभिन्न वेक्टर जनित रोगों की पहचान, कारण, लक्षण, रोकथाम तथा नियंत्रण संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में इन रोगों के प्रकोप को देखते हुए समय पर पहचान और त्वरित उपचार के महत्व पर भी जोर दिया। इसी क्रम में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि राघवेंद्र कुमार ने फाइलेरिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना, आरएचपी को सशक्त करना तथा वेक्टर जनित रोगों से बचाव के लिए समुदाय में बेहतर जागरूकता विकसित करना था। कार्यक्रम में सीएचसी जमुआ के एमटीएस अभय कुमार, विकास कुमार, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मी, बीपीएम किरण सनमानी तथा सभी आरएचपी सदस्य उपस्थित रहे।


