भास्कर न्यूज | गिरिडीह सदर प्रखंड के अलगुंदा पंचायत स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय चेंगरबासा में लंबे समय से बनी शिक्षकों की गंभीर कमी को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय में आयोजित जनता दरबार के दौरान एक प्रतिनिधि मंडल के माध्यम से आवेदन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार को चेंगरबासा में ग्राम सभा आयोजित की गई थी, जिसमें विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी को गंभीर विषय मानते हुए सामूहिक रूप से आवेदन तैयार किया गया। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि समस्याओं के समाधान के लिए अगले दिन उपायुक्त के जनता दरबार में उपस्थित होकर शिक्षकों की नियुक्ति/प्रतिनियुक् ति हेतु मांग पत्र सौंपा जाएगा। स्थानीय मुखिया सह मुखिया संघ जिलाध्यक्ष भागीरथ मंडल ने कहा कि कई बार शिक्षकों की कमी से विभाग को लिखित रूप में अवगत कराया जा चुका है लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिला है। उपायुक्त से अपील करते हैं कि जल्द से जल्द स्कूल को शिक्षक उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक पहल करें ताकि बच्चों की पढाई सुचारु रूप से जारी रहे। एसएमसी अध्यक्ष हीरालाल वर्मा ने बताया कि विद्यालय में कक्षा पहली से दसवीं तक की पढ़ाई होती है, लेकिन पूरे विद्यालय के संचालन के लिए मात्र दो शिक्षक उपलब्ध हैं। इनमें से एक शिक्षक को प्रधानाध्यापक का प्रभार दे दिया गया है जिस पर विभागीय कार्यों की अतिरिक्त जिम्मेदारी रहती है। ऐसे में लगभग सभी कक्षाओं की पढ़ाई एक ही शिक्षक के भरोसे चल रही है, जिससे 250 विद्यार्थियों की शिक्षा पर गंभीर असर पड़ रहा है।प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना लगभग असंभव हो गया है। उन्होंने उपायुक्त से विद्यालय में अविलंब शिक्षक भेजने की मांग की। जनता दरबार में बात रखने के बाद प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उपायुक्त ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा, जिससे चेंगरबासा के दर्जनों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित हो सके। प्रतिनिधि मंडल में ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष श्यामलाल तुरी, सामाजिक परिवर्तन संस्थान के प्रतिनिधि यशवीर मुर्मू, अलगुंदा पंचायत के युवा समाजसेवी ताज अंसारी, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष हीरालाल वर्मा तथा ग्रामीण तिलक तुरी शामिल थे।


