जिले की 12 तहसील क्षेत्रों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़ी तकनीकी समस्या ने 2 लाख 44 हजार किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लंबे समय से पीएम किसान पोर्टल तकनीकी कारणों से ब्लॉक है, जिसके चलते 12 तहसील क्षेत्र के 244072 छोटे और सीमांत किसानों की 2,000 रुपए की किस्त जारी नहीं हो पा रही है। किसानों ने बताया कि उन्होंने योजना के तहत आवश्यक औपचारिकताएं जैसे ई-केवाईसी, भू-डाटा सत्यापन, समय पर और सही तरीके से पूरी कर दी है। इसके बावजूद राशि जारी न होने से वे आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। समस्या के समाधान की उम्मीद में किसान रोजाना तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार निराशा हाथ लग रही है। जिले में 315978 किसानों ने किए आवेदन, इनमें से 24472 एक्टिव प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों से फार्म आमंत्रित किए थे। इसमें पोर्टल पर कुल 3 लाख 15 हजार 978 किसानों ने पंजीयन किया, लेकिन फार्म की छंटनी के दौरान 71 हजार 906 किसानों के फार्म डबल और गलत मिले। ऐसे में 71 हजार 906 किसानों को नॉन एक्टिव और 2 लाख 44 हजार 72 किसानों को एक्टिव घोषित किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में मिलने वाली किश्त भी एक्टिव किसानों को दी जाएगी। अधिकारियों के हाथ में कुछ नहीं, आईडी ब्लॉक हो गई झालावाड़ में पीएम किसान सम्मान निधि योजना में साइबर ठगी के बाद योजना से जुड़े सभी अधिकारियों की मैपिंग झालावाड़ कर दी गई है। आरोपी ने दिन में सरकारी ऑफिस में ऑपरेटर और रात में ठगी का मास्टर माइंड बन सरकारी आईडी का दुरुपयोग कर फर्जी खातों में सरकारी राशि ट्रांसफर की थी। वह स्टेट नोडल ऑफिस में ऑपरेटर था और सरकारी सिस्टम की पहुंच का फायदा उठाकर करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर रहा था। इसके खिलाफ कार्रवाई के बाद सरकार ने एक माह से किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े तहसीलदार व अन्य अधिकारियों की आईडी मैपिंग कैंसिल कर दी। तहसील कार्यालय के संबंधित अधिकारियों ने किसानों को स्पष्ट किया कि समस्या उनकी तरफ से नहीं, बल्कि तकनीकी स्तर पर है। अधिकारियों के अनुसार पीएम किसान पोर्टल तकनीकी कारणों से ब्लॉक है। नई आईडी के बाद नए साल से किसानों को मिलेगा लाभ सरकार द्वारा आईडी मैपिंग कैंसिल किए एक माह का समय हो गया और विभागीय जांच की जा रही है। इसके साथ ही 12 दिसंबर के बाद से अधिकारियों की नई आईडी तैयार कर उसे मैपिंग किया जाएगा। इसके बाद पीएम किसान पोर्टल की तकनीकी बाधा को दूर कराया जाएगा ताकि किसानों को उनकी लंबित किस्तें मिल सकें और उन्हें बार-बार तहसील के चक्कर न काटने पड़े। 10 दिन में पोर्टल शुरू होने की संभावना, राहत मिलेगी “सरकार द्वारा चलाया जा रहा पीएम किसान पोर्टल बंद है। आगामी दस दिन में पोर्टल के शुरू होने की संभावना है। पोर्टल के शुरू होने के साथ ही किसानों की समस्या का समाधान किया जाएगा।” – हुकमीचंद, तहसीलदार, बाड़मेर


