झालावाड़ में विश्व धरोहर स्थल गागरोन दुर्ग बुधवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब 5100 से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ चित्रकारी कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया। राज्य सरकार की पंच गौरव योजना के तहत ‘गागरोन दुर्ग चित्रकला महोत्सव’ का आयोजन किया गया था। इस महोत्सव ने जिले ही नहीं, पूरे प्रदेश में कला और सांस्कृतिक चेतना की नई लहर पैदा की। बच्चों ने पेंट-ब्रश से बिखेरे रंग
सुबह से ही ऐतिहासिक दुर्ग परिसर उल्लास और रचनात्मकता से भर उठा। दुर्ग की प्राचीन दीवारों और शांत जलराशि के बीच हजारों विद्यार्थियों ने अपनी पेंट ब्रश से रंग बिखेरने शुरू किए, जिससे पूरा वातावरण एक विशाल कैनवास में बदल गया। ‘बच्चों की प्रतिभा का उत्सव’
जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इस अवसर पर कहा कि गागरोन दुर्ग सदियों से इतिहास का साक्षी रहा है। उन्होंने इसे बच्चों की रचनात्मकता, विरासत के प्रति सम्मान और जिले की पहचान को समर्पित एक दुर्लभ आयोजन बताया।
कलेक्टर ने कहा कि यह आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभा का उत्सव बना, बल्कि गागरोन दुर्ग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कला, संस्कृति और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने वाला साबित होगा।


