इंदौर में निरंजनपुर गुरुद्वारा से देवास नाका मार्ग पर 84 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे सेंट्रल डिवाइडर के निर्माण कार्य पर बुधवार दोपहर गंभीर लापरवाही सामने आई। जनकार्य एवं उद्यान प्रभारी राजेंद्र राठौर जब मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे तो डिवाइडर की गुणवत्ता देखकर भड़क उठे। निरीक्षण के दौरान राठौर ने कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ा हुआ पाया, जबकि कई जगहों पर सरिए प्लास्टर से बाहर निकले हुए मिले। काम की खराब क्वालिटी देख उन्होंने मौके पर ही नाराजगी जताई और तुरंत नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव तथा अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को फोन कर मामले की जानकारी दी। राठौर ने निर्माण में लापरवाही बरतने पर ठेकेदार और संबंधित सब इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। ऐसा घटिया काम नहीं देखा निरीक्षण के दौरान राठौर ने कहा कि डिवाइडर पर बेहद घटिया स्तर का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा गैर-मानक निर्माण उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। राठौर के अनुसार ठेकेदार ने बीम डाले ही नहीं और नीचे मिट्टी–गिट्टी भरकर उसके ऊपर दीवार खड़ी कर दी, जिसकी मजबूती इतनी कमजोर थी कि वह “एक लात में टूट जाए” जैसी लग रही थी। राठौर ने मौके से ही नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को फोन फोटो और वीडियो भी भेजे और उन्हें मौके पर निरीक्षण के लिए बुलाया। शिकायत के बाद जेडओ भी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का अवलोकन किया। राठौर ने बताया कि आयुक्त ने लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसों की बर्बादी नहीं होने दी जाएगी और वे स्वयं सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इसी के लिए संबंधित फाइल भी तलब की गई है। निरीक्षण के दौरान वार्ड क्रमांक 34 के पार्षद अंकित चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे। सेंट्रल डिवाइडर का काम देखने के बाद राठौर ने सिरपुर क्षेत्र का भी दौरा किया।


