अयोध्या के भदरसा गैंगरेप मामले में सोमवार को पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में सुनवाई हुई। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने वाले लेखक का बयान दर्ज किया गया है। लेखक पुलिसकर्मी थाना पूराकलंदर में तैनात था। 20 जनवरी को आगे की सुनवाई होगी, जिसमें अन्य गवाहों के बयान दर्ज होंगे। इस दौरान सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू खान के न्यायालय में मौजूद रहे। सामूहिक दुष्कर्म के माले में पीड़िता पीड़िता और स्कूल की प्रधानाध्यापिका का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम निरुपमा विक्रम की अदालत में सोमवार को मुकदमा लिखने वाले सिपाही सर्वेश मिश्रा के बयान को दर्ज किया गया। इसके साथ ही वकीलों के प्रश्न के जवाब को भी दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक विनोद उपाध्याय व अभिषेक रघुवंशी के मुताबिक थाना पूराकलंदर क्षेत्र की एक गांव की 14 वर्षीय बालिका से सपा नेता मोईद खान और उसके नौकर ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था, इस बीच किशोरी गर्भवती हो गई थी, दोनों आरोपियों ने उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया था। और धमकाया भी था। पीड़िता की मां की तहरीर पर 29 जुलाई को दर्ज हुआ था मुकदमा पीड़िता की तहरीर पर 29 जुलाई को पूराकलंदर थाना में मुकदमा दर्ज किया गया था। कोर्ट ने विवेचना अधिकारी की प्रार्थना पत्र पर अभियुक्तों के विरूद्ध 16 अगस्त को लैंगिक अपराध की धाराओं की बढ़ोत्तरी की थी। सोमवार को सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी मोईद खान और नौकर राजू खान भी कोर्ट में मौजूद रहे, जिन्हें बाद में भेज दिया गया ।


