पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कान्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने सरकार के खिलाफ सोमवार को बसों का चक्का जाम हड़ताल शुरू की। तीन दिवसीय हड़ताल के पहले दिन करीब 2800 बसों का चक्का जाम रहा। इससे जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खास कर महिलाओं को जिन्हें टिकट के पैसे खर्च कर प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ा। जालंधर के दोनों डिपो में भी 170 से ज्यादा बसें पूरी तरह से बंद रहीं। सिर्फ पक्के कंडक्टर और ड्राइवरों ने बसें चलाईं। इससे रोडवेज को एक दिन में लाखों रुपए का रेवेन्यू लॉस हुआ। वहीं यूनियन की तरफ से रोडवेज डिपो के आगे गेट रैली करते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। सूबा कमेटी के सीनियर पदाधिकारी शमशेर सिंह ने बताया कि हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास का घेराव किया जाएगा। यहां से अगली रणनीति का एलान होगा। मांगों को लेकर धरने पर बैठे पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी कान्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के मुलाजिम (दाएं) बसों का चक्का जाम होने से सर्दी में परेशान हुए यात्री।


