बाथरूम में पसरी गंदगी, सेनेटरी नैपकिन तक नहीं:10 साल पहले 8 शी लाउंज बनाने का वादा तीन बने, लेकिन यहां भी पुरुषों का जमावड़ा

महिलाओं के लिए 10 साल पहले शहर में 8 शी लाउंज बनाने की योजना अमल में लाने का निर्णय हुआ था, लेकिन 4 साल में केवल तीन ही शी लाउंज बनाए। इनकी स्थिति बेहद खराब है। यहां जरुरी सुविधाओं जैसे सैनिटरी नैपकिन, वाई-फाई, एसी और एफएम रेडियो जैसी सुविधाएं देने जैसे वादे पूरे नहीं किए गए। खुले तीनों शी लाउंज में ऐसी कोई सुविधा नहीं हैं। इनमें से आईएसबीटी का शी लाउंज अपेक्षाकृत साफ है, लेकिन बाकी दो लाउंज में सफाई और सुरक्षा की कमी है। आसपास की दुकानों में महिलाओं की जरूरत के सामान के बदले स्टेशनरी, चाय-नाश्ता जैसी चीजें बेची जा रही हैं। पॉलिटेक्निक चौराहा- यहां सफाई नहीं है, न सैनिटरी नैपकिन की सुविधा है और न कोई महिला स्टाफ। वॉशरूम की छत टूट चुकी है। महिलाओं की जरूरत के सामान के बजाय स्टेशनरी बेची जा रही है। 10 नंबर मार्केट – 10 नंबर मार्केट में स्थित शी लाउंज में वॉशरूम गंदे हैं। सैनिरी नैपकिन की व्यवस्था नहीं है। आसपास जो दुकानें बनी हैं, वहां कपड़े और खाने-पीने की चीजें बेची जा रही हैं। चाय-नाश्ते की दुकानों पर पुरुषों के जमावड़े की वजह से महिलाएं यहां जाने से बचती हैं। आईएसबीटी के शी लाउंज में पुरुषों का जमावड़ा यहां सफाई है मगर सैनिटरी नैपकिन की कोई व्यवस्था नहीं है। एसी, वाई-फाई और एफएम रेडियो की सुविधाएं नहीं हैं। दूसरा सामान बेचा जा रहा है। इसलिए बने थे शी लाउंज
2015 में नगर निगम ने दावा किया था कि 8 शी लाउंज खोले जाएंगे, जहां महिलाओं के लिए फ्री एसी जोन, महिला कर्मचारी, सैनिटरी नैपकिन, वेटिंगरूम, वाई-फाई, एफएम रेडियो, एटीएम और महिलाओं की जरूरत की वस्तुओं की दुकान जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शी लाउंज की समीक्षा कर व्यवस्थाएं सुधारेंगे
शी लाउंज के संचालन का जिम्मा निजी संस्थाओं को दिया गया था। इसे खोलने की शर्त यह थी कि वहां महिलाओं के उपयोग का सामान ही बेचा जाए। हम शर्तों और मौजूदा स्थिति की समीक्षा कर जल्द ही व्यवस्थाएं सुधारेंगे। — हरेंद्र नारायण, कमिश्नर, नगर निगम

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