राजधानी में सोमवार को टैक्स, लॉ बार एसोसिएशन का स्टडी सर्किल का आयोजन हुआ। इसमें जानकारी दी गई कि जीएसटी के नोटिस में व्यापारी पर जो भी आरोप लगाए गए हो वह स्पष्ट होना चाहिए। नोटिस किस धारा में दिया गया है यह भी उसमें लिखा होना चाहिए ताकि करदाता द्वारा उसका उचित जवाब दिया जा सके। मप्र उच्च न्यायालय ने अभी हाल ही के एक निर्णय में अस्पष्ट नोटिस को खारिज कर दिया क्योंकि उसमें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। एडवोकेट पलाश खुरपिया ने बताया की कुछ न्यायालयीन निर्णयों के प्रकाश में जीएसटी की रिटर्न 3बी और जीएसटीआर-1 के अंतर के लिए जीएसटी की धारा 73 के अधीन नोटिस देना चाहिए न की धारा 74 के अंतर्गत।
8 साल बाद भी ट्रिब्यूनल का गठन नहीं हो सका
एडवोकेट खुरपिया ने बताया कि जीएसटी को आए 8 वर्ष होने को हैं, अभी तक ट्रिब्यूनल की स्थापना नहीं की गई। मुंजाल मनीषभाई भट्ट बनाम भारत संघ: गुजरात उच्च न्यायालय ने भूमि मूल्य पर 1/3 की अनिवार्य कटौती को असंवैधानिक घोषित करते हुए कहा कि भूमि की बिक्री पर जीएसटी लागू नहीं हो सकता। प्रवक्ता विकास अग्रवाल ने बताया कि अध्यक्ष मृदुल आर्य, उपाध्यक्ष अंकुर अग्रवाल एवं बच्चन आचार्य कोषाध्यक्ष धीरज अग्रवाल उपस्थित थे। मप्र के आईपीएस खान प्रतिनियुक्ति पर जाएंगे मप्र में 2010 बैच के आईपीएस आबिद खान प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली जाएंगे। उन्हें केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में उप महानिरीक्षक के पद पर अगले पांच साल के लिए प्रतिनियुक्ति दी गई है। भारत सरकार ने इस संबंध में मप्र सरकार को पत्र लिख दिया है। अभी उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। बता दें कि इसके पहले भी आबिद खान को अल्पसंख्यक मंत्रालय के हज सेल में समन्वयक प्रशासन बनाया जा चुका है। इस दौरान आबिद खान की पोस्टिंग सऊदी अरब के जेद्दाह में रही। इसके बाद वे मप्र वापस आ गए।


