हम दोपहर में टंकी की छत पर पहुंचे थे। वहां पहले से बाबू, नाटे और चंदू था। बाबू पतंग उड़ा रहा था हम बैठकर डिब्बा बजाने लगे। अचानक से बाबू टंकी में गिर गया। चंदू घर भागा उसके घर वालों को बुलाने और हमने अपनी जैकेट उतारकर उसे पकड़ाई पर वह कुछ ही देर बाद जैकट छोड़कर गहरे पानी में समा गया। ये कहकर टंकी में डूबने से मरे बाबू का दोस्त श्याम आसमान देखने लगा। श्याम ने आगे बताया- शायद गिरते समय टंकी के ढक्कन के कोने से उसके सिर में भी चोट लगी थी। जिस वजह से वह ज्यादा देर रुका नहीं और डूब गया। घर वाले आये और उसे बाहर निकाला। वाराणसी के राजघाट इलाके में स्थित जल नियम की 2000 किलो लीटर की टंकी में स्थानीय मलिन बस्ती का अरविंद उर्फ बाबू (10) डूब गया। जिससे उसकी मौत हो गई। डूबने की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने टंकी में पानी डालकर उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी जिंदगी की डोर कट चुकी थी। मृतक सात भाइयों में सबसे छोटा था और अपनी मां के साथ सफाई का काम करता था। सोमवार की दोपहर क्या हुआ था और जल निगम की इस टंकी को लेकर स्थानीय लोगों और पार्षद ने क्या कभी शिकायत की है? इन सभी मुद्दे पर दैनिक भास्कर ने घटना के समय बाबू के साथ मौजूद श्याम से घटना की जानकारी ली और पार्षद से भी बातचीत की। पेश है खास रिपोर्ट… सबसे पहले मृतक अरविंद उर्फ बाबू के दोस्त श्याम से बातचीत, जिसने अपनी आंखों से देखा और बाबू को बचाने की कोशिश की… दोपहर में चाय लाकर बाबू पतंग उड़ा रहा था
बाबू कुछ ही देर पहले अपनी मां के लिए सड़क से चाय पहुंचाकर आया था। वह राजघाट जल निगम की 2000 किलो लीटर की टंकी से पतंग उड़ा रहा था। घटना के प्रत्यक्षदर्शी श्याम ने बताया- दोपहर दो से ढाई के बीच में मै टंकी की छत पर पहुंचा था। वहां बाबू पतंग उड़ा रहा था और नाटे और चंदू भी थे। मै वहां बैठकर डिब्बा बजाने लगा। उधर पतंग का पेंच लड़ रहा था। काफी देर तक हम लोग पतंग उड़ाते रहे। दोपहर 3 बजे के बाद टंकी में गिरा बाबू
टंकी की छत पर एक ढक्कन खुला हुआ है। श्याम ने बताया- अचानक बाबू पतन उतारने लगा। ऐसे में वह लगातार पीछे आने लगा मै और चंदू दोनों चिल्लाए पर बाबू एक झटके से टंकी में गिर गया। टंकी में गिरते समय उसके सिर में चोट भी लगी। वह अंदर डूबने लगा और चिल्लाने लगा। चंदू घर गया और मैंने जैकेट थमाई
श्याम ने बताया- चंदू को मैंने घर भेजा की जाए किसी बड़े को बुलाकर लाओ। इस दौरान मैंने अपनी पहनी हुई जैकेट उसे पकड़ाई लेकिन वो एक बार जैकेट पकड़कर ऊपर आया और फिर दोबारा नहीं आया और जैकेट छोड़कर टंकी में समा गया। मै उसे बचा नहीं पाया वो हमारे सामने ही चिल्लाता रहा। जब तक संजय भइया और कई लोग मौके पर पहुंच गए थे। सीढ़ी डालकर निकला गया बाहर
श्याम ने बताया- संजय भैया, इस्राइल और विकास भैया पानी में सीढ़ी डालकर अंदर उतरे थे। उन्होंने बाबू को बाहर निकला तो वो बेहोश था। बाद में पता चला वो मर गया। अब जानिए इलाके के पार्षद ने क्या कहा? और किसे इस घटना का जिम्मेदार बताया… टंकी जर्जर, कर चुका हूं शिकायत
मृतक के घर सांत्वना देने पहुंचे वार्ड नंबर 72 के बबलू शाह ने बताया- हमारे पैदा होने के पहले की टंकी है। 15 साल से हम पार्षद हैं। हमें कई बार इस टंकी के बारे में नगर आयुक्त को शिकायत की है। उन्हें पत्र भी लिखा है कि टंकी जर्जर है। दूसरी बनवाई जाए और जब तक बन नहीं जाती इसे लोहे के तार से घेरा दिया जाए क्योंकि लोग इसपर चढ़ते हैं। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई और आज एक बच्चे की मौत हो गई। जल निगम और बस्ती वाले दोनों की लापरवाही
पार्षद ने बताया- लापरवाही किसकी है जल निगम या यहां रहने वाले लोगों यह बात की बात है लेकिन लापरवाही का नतीजा है कि एक बच्चे की जान चली गयी। हम डीएम से मुआवजे की मांग करेंगे। जिला प्रशासन जिम्मेदार
इस घटना का जिम्मेदार कौन है के सवाल पर पार्षद बबलू सेठ ने कहा- हमने बार-बार सरकारी कार्यालयों में इस बात की सूचना दिया कि इसपर तार लगा दें ताकि कोई चढ़ न पाए पर ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में लापरवाही जिला प्रशासन की है। जिसकी वजह से एक मासूम की जान चली गयी। जीएम को नहीं दी थी जेई ने सूचना, बोले- अमृत योजना में होना है निर्माण इस संबंध में जल निगम के आदमपुर के जेई से बात करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने फोन उठाना ठीक नहीं समझा। वहीं जब जलकल के जीएम से इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा- अमृत योजना में शहर की चार टंकियों का जीर्णोद्वार होना है। इसमें बेनियाबाग, मैदागिन, राजघाट और रामबाग की टंकी है। जिसकी कुल लागत 108 करोड़ रुपए है। अभी मैदागिन में काम चल रहा है। वहां का काम खत्म होने के बाद यहां काम शुरू होगा। ——————— ये खबर भी पढ़िए- लखनऊ में Y श्रेणी सुरक्षा प्राप्त नेता की खुलेआम गुंडागर्दी: थाने में दिखाया दबंगई; मारपीट के आरोपियों को छुड़ाने पहुंचा था लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में रविवार देर रात एक दबंग Y श्रेणी सुरक्षा लेकर गुंडागर्दी करने पहुंचा। थाने में पुलिसकर्मियों को अर्दब में लेकर कार्रवाई करने का आदेश देने लगा। वह चीखने-चिल्लाने के साथ खुद को बीजेपी नेता बता रहा था। एक घंटे तक कमर में पिस्टल लगाकर सबको धौंस दिखाता रहा। दबंग मारपीट के मामले में आरोपियों को छुड़ाने थाने पहुंचा था। फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों काे शांतिभंग में चालान कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…


