सिक्किम से गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय महिला बाघ तस्कर को भेजा जेल:पांच दिन की रिमांड में बैंक ट्रांजैक्शन समेत अन्य सबूत मिले, अब 17 दिसंबर को सुनवाई

मध्यप्रदेश में बाघ और पेंगोलिन के शिकार कर उनके अंगों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले नेटवर्क की मुख्य महिला सदस्य यांगचेन लाचुंगपा की पांच दिन की पुलिस रिमांड बुधवार को खत्म हो गई। रिमांड समाप्त होने पर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) के सहायक वन संरक्षक विनोद सिंह टीम के साथ उसे कड़ी सुरक्षा में भोपाल से नर्मदापुरम जिला कोर्ट लाए। पेशी के बाद कोर्ट ने यांगचेन को एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत भेजने के आदेश दिए। आरोपी की तरफ से जबलपुर हाईकोर्ट से आए वकील ने जमानत के लिए दलील रखी, लेकिन न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख 17 दिसंबर तय की। तब तक यांगचेन को केंद्रीय जेल नर्मदापुरम में रखा जाएगा। कोर्ट से बाहर आते वक्त आरोपी का चेहरा मास्क और कपड़े से ढंका हुआ था। सिक्किम से हुई गिरफ्तारी
यांगचेन को 3 दिसंबर को भारत-चीन बॉर्डर के पास सिक्किम के लाचंग, मंगन इलाके से WCCB और STSF की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया था। वहां से उसे फ्लाइट से भोपाल लाया गया और 5 दिसंबर को नर्मदापुरम कोर्ट में पेश कर पांच दिन की रिमांड ली गई थी। रिमांड के दौरान अधिकारियों ने गिरोह के मास्टरमाइंड जे तमांग, सप्लाई चैन और विदेशी नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की। टीम ने बैंक ट्रांजैक्शन व वित्तीय लिंक भी खंगाले। एसडीओ ने कहा — जांच जारी है, कई अहम तथ्य हैं जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं कर सकते, लेकिन सबूत मजबूत हैं। महिला का पति भी पहुंचा
पेशी के दौरान यांगचेन का पति और भाई कोर्ट परिसर पहुंचे। आदेश सुनते ही महिला भावुक हो गई। उसने परिजनों के साथ बैठकर खाना खाया। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने उसे जेल भेजा। पति भी जेल गेट तक साथ आया। 2015 में सामने आया था मामला मामला 2015 से जुड़ा है, जब सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ और पेंगोलिन शिकार का बड़ा नेटवर्क सामने आया था। अंग नेपाल–सिक्किम होते हुए चीन तक भेजे जाते थे। इस केस में 35 आरोपी चिन्हित हुए थे। मुख्य मास्टरमाइंड जे तमांग अब भी फरार है और उस पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी है। यांगचेन की गिरफ्तारी पहले भी 2017 में हुई थी, लेकिन वह जमानत पर बाहर आकर फरार हो गई। 2019 में उसकी अग्रिम जमानत हाईकोर्ट ने खारिज की थी। वह नेपाल, भूटान और चीन से जुड़े वाइल्डलाइफ तस्करी नेटवर्क में सक्रिय बताई गई। इसी केस में ताशी शेरपा को 2024 में दार्जिलिंग से पकड़ा गया और 2025 में दोषी करार दिया गया। वह अभी नर्मदापुरम जेल में सजा काट रहा है।

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