सागर में व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर की गई 63 लाख 50 हजार रुपए की डकैती के मामले में पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये वारदात 21 दिसंबर को मोतीनगर थाना क्षेत्र के रेलवे ओवरब्रिज पर हुई थी। फरियादी के मैनेजर ने अपने परिजन और रिश्तेदारों के साथ मिलकर प्लानिंग की और वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के पास से 47.50 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। हालांकि इस पूरे मामले में फरियादी और पैसों को लेकर संदेह की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि वारदात के बाद फरियादी ने थाने पहुंचकर 45 लाख रुपए की डकैती होना बताया। जबकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के कब्जे से 47.50 लाख रुपए बरामद किए। फरियादी से पूछताछ की गई तो उसने हकीकत बताते हुए कहा कि डकैती 63 लाख 50 हजार रुपए की हुई है। डर के कारण उसने सही राशि नहीं बताई थी। इसी बीच वारदात में फरार मुख्य आरोपी पूर्वेंद्र उर्फ अमन पटेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ये पैसा हवाला का होने का दावा किया है। उसने कहा है कि सागर में रोजाना 5 से 10 करोड़ रुपए हवाला का इधर से उधर होता है। मामले में पुलिस हवाला के एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस ने 11 आरोपी बनाए हैं। अब पढ़िए 21 दिसंबर को हुई वारदात की पूरी कहानी… खुद को प्रॉपर्टी ब्रोकर बताने वाले सुनील उर्फ सोनू पिता दुलीचंद लहरवानी निवासी सिंधी कैंप ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि 21 दिसंबर की सुबह अपनी स्कूटी से 45 लाख रुपए लेकर दूसरे व्यापारी को देने जा रहा था। घर से निकलने के बाद जैसे ही ओवरब्रिज पर स्कूटी से पहुंचा तो एक कार स्कूटी के सामने आकर रुक गई। उसमें दो युवक बैठे थे। जैसे ही मैंने स्कूटी रोकी तो एक बाइक मेरे बाजू में आकर खड़ी हो गई। बाइक पर पीछे बैठे बदमाश ने आंखों में मिर्ची पाउडर डाल दिया। मैं कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाश स्कूटी में रखा पैसों से भरा बैग लेकर भाग गए। बैग में 45 लाख रुपए रखे थे। वारदात सामने आते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। भोपाल रोड पर भागे, मगर कच्चे रास्ते से पहुंचे थे सोमला जांच करते हुए पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में वही कार भोपाल रोड की ओर भागती नजर आई। पुलिस ने भोपाल रोड पर नाकाबंदी की। सीहोरा टोल नाके पर पहुंचकर फुटेज खंगाले। लेकिन वह कार टोल नाके पर नहीं पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने सीहोरा से पहले पड़ने वाले रास्तों पर तलाश शुरू की। इसी बीच ग्राम सोमला में स्थित बैंक की शाखा के सीसीटीवी कैमरे में कार नजर आई। कार सागर की ओर आ रही थी। जिसके बाद आरोपी कनेरादेव पहुंचे। यहां से वे जबलपुर की ओर भागे। भेड़ाघाट पहुंचकर आरोपी होटल में रुके। जहां उन्होंने डकैती में लूटे गए रुपयों का बंटवारा किया। रुपए बांटने के बाद वह अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। इधर, पुलिस लगातार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। कार की पहचान हुई और आरोपियों के घर पहुंच गई पुलिस पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार की पहचान की और आरोपी के घर पहुंच गई। कार आरोपी जितेंद्र पटेल की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार जब्त की। आरोपी जितेंद्र पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ की तो एक के बाद एक 10 आरोपी गिरफ्तार किए। जिन्होंने पूछताछ में वारदात करना स्वीकार की। साथ ही उनके कब्जे से 47.50 लाख रुपए बरामद किए गए। अब तक दस आरोपी अरेस्ट, 1 आरोपी गिरफ्त से बाहर मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी अर्जुन पिता इमरत पटेल (27) निवासी कनेरादेव, शुभम पिता अशोक पटेल (27), शेखर पिता अशोक पटेल (30) साल निवासी नांचनदास की गली सागर, गोलू उर्फ बलराम पिता जमना प्रसाद पटेल (25), आकाश पिता पप्पू गौंड (19) निवासी कनेरादेव को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा राजकुमारी पति कन्हैया लाल पटेल (52), कन्हैयालाल पिता मजबूत पटेल (58) निवासी रामपुर, गोविंद पिता बालकिशन पटेल (27), जितेंद्र पिता इमरत पटेल (24) और वीर सिंह पिता राजू पटेल (21) निवासी कनेरादेव को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी पूर्वेंद्र उर्फ अमन पिता कन्हैयालाल पटेल निवासी रामपुर फरार है। मैनेजर ने भाई के साथ मिलकर रची थी डकैती की साजिश पूछताछ में आरोपियों ने वारदात की पूरी कहानी पुलिस के सामने उगल दी। आरोपियों ने बताया कि शुभम पटेल मैनेजर के तौर पर फरियादी सुनील लहरवानी के यहां काम करता था। वह अक्सर मोटी रकम लेकर अलग-अलग जगहों पर पहुंचाता था। वारदात से करीब 3 दिन पहले भी 25 लाख रुपए की डिलीवरी दी थी। उसे पता था कि इस बार बड़ी रकम भोपाल पहुंचानी है। उसने घर आकर अपने भाई शेखर पटेल को बताया। जिस पर उसकी नीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसने भाई और रिश्तेदारों के साथ मिलकर लूट की प्लानिंग की। किसी को शक न हो, इसके लिए वह प्लानिंग कर दूर रहे और साले पूर्वेंद्र उर्फ अमन पटेल समेत अन्य साथियों से वारदात कराई थी। मुख्य आरोपी के वीडियो ने खोला हवाला कारोबार का राज वारदात का मुख्य आरोपी पूर्वेंद्र उर्फ अमन पटेल फरार है। फरारी के दौरान आरोपी अमन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। जिसमें उसने डकैती में लूटे गए पैसों के हवाला का होने का दावा किया है। वीडियो में आरोपी कह रहा है कि मेरे जीजा शुभम पटेल माता मड़िया के पास सागर में रहते हैं। जीजा शुभम और सोनू सिंधी नाम का व्यक्ति दोनों हवाला का काम करते थे। साथ में मैं भी हवाला का काम करता था। सेठ हमें 20 हजार रुपए देता था। वहीं सेठ को 1 करोड़ रुपए पर 3 प्रतिशत पैसा मिलता था। जीजा शुभम के कहने पर हमने सोनू सिंधी से हवाला के पैसे छीन लिए। अमन ने आरोप लगाया कि भोपाल से आए हवाला के मुखिया ने पुलिस से मिलकर हवाला का मामला दबवाया है। जबकि मेरे पास सभी साक्ष्य हैं। मैं भोपाल के जिस ऑफिस में पैसा जाता था, वहां का भी पता बता सकता हूं।
वारदात में आरोपियों की अलग-अलग भूमिका पंजू गोस्वामी के लिए काम करता था फरियादी
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 47.50 लाख रुपए जब्त किए गए हैं। बाकी राशि फरार आरोपी के पास है। जिसकी तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया कि फरियादी सुनील उर्फ सोनू लहरवानी जबलपुर के व्यापारी पंजू गोस्वामी के लिए काम करता था। वह प्रॉपर्टी खरीदने व्यापारी के लिए रुपए भोपाल भेज रहा था। तभी वारदात हुई थी। मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि भोपाल में किसे रुपए भेजे जा रहे थे और कौन सी प्रॉपर्टी खरीदने वाले थे।


