आगरा के एक डॉक्टर के बेटे को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर करीब 78.75 लाख रुपए और 200 ग्राम सोना ठगा गया। पीड़ित डॉक्टर ने डीसीपी सिटी को तहरीर देकर आरोप लगाया कि दो युवकों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके साथ ठगी की। एसीपी सदर को जांच के निर्देश दिए गए। एसीपी सदर द्वारा जांच करने के बाद थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। शमसाबाद रोड के रहने वाले डॉ. खालिद अली खान ने तहरीर में शिकायत की थी कि उनके बेटे नबील अली खान एमबीबीएस के बाद PG की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसका दोस्त संचित उसके घर आया और उसने बताया कि उसका परिचित अनुज मलिक, जो कथित रूप से मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस में कार्यरत है, NEET का फार्म जमा कराने और परीक्षा व प्रवेश में मदद कर सकता है। तभी डॉक्टर की मुलाकात अनुज मलिक से हुई। अनुज मलिक ने 3.75 लाख रुपए लेकर नबील को परीक्षा में बैठाने और बाद में हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, देहरादून में मैनेजमेंट कोटे से PG सीट दिलाने का दावा किया। डॉक्टर का आरोप है कि अक्टूबर 2024 में उसने फर्जी काउंसलिंग लेटर, मार्कशीट और एडमिट कार्ड देकर पीड़ित को विश्वास में ले लिया। इसके बाद पीड़ित से क्राउन प्लाजा होटल, ग्रेटर नोएडा में 50 लाख रुपए नकद लिए और सभी मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र अपने पास रख लिए।पीड़ित के अनुसार आरोपी ने PG में अपनी पसंद की ब्रांच दिलाने के नाम पर डोनेशन बढ़ाकर 95 लाख रुपये कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि वे 25 लाख रुपए ही जुटा पाए। आरोपी अनुज मलिक उनके घर आया और शेष रकम के बदले 200 ग्राम सोने के चार बिस्कुट भी ले गया। कुल मिलाकर आरोपी ने 78.75 लाख रुपये और 200 ग्राम सोना ले लिया। आरोपी अनुज मलिक ने एक डायरी में रकम की लिखित पुष्टि देकर हस्ताक्षर किए और अपना कथित डिफेंस आईडी कार्ड भी दिया, जो बाद में फर्जी पाया गया। बेटे को भेजते रहे फर्जी मेल
पीड़ित के अनुसार नबील के ई-मेल पर लगातार प्रवेश संबंधी मेल भेजे गए। जून 2025 तक कई मेल आने के बावजूद कोई वास्तविक प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। तब उन्होंने बहुगुणा यूनिवर्सिटी और हिमालयन यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। जहां से उन्हें जानकारी मिली कि विश्वविद्यालय की ओर से कोई मेल जारी ही नहीं किया गया है। एसीपी इमरान अहमद का कहना है कि जांच के बाद थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवेचना की जा रही है। जो दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


