सलूंबर जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत झल्लारा क्षेत्र में व्यापक जागरूकता और सर्वे कार्य तेजी से जारी है। स्वच्छ परियोजना के मुख्य ब्लॉक समन्वयक पुखराज मीणा ने ग्राम पंचायत धोलागीर खेड़ा, झरमाल के केनर ओड़ा, भटवाड़ा सहित आसपास के गांवों का दौरा कर अभियान की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मीणा ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें गांव में घर-घर सर्वे कर रही हैं। इस दौरान टीबी के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। खांसी, बुखार और वजन कम होने जैसी शिकायतों की विशेष रूप से जांच की जा रही है। संदिग्ध मरीजों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा जा रहा है। मीणा ने जोर देकर कहा कि समय पर जांच और इलाज ही टीबी उन्मूलन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। मीणा ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी आपके लिए काम कर रहे हैं, उनसे सहयोग करें और सर्वे में सही जानकारी दें। आपकी भागीदारी से ही गांव टीबी मुक्त बन सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि सर्वे टीम से जानकारी न छिपाएं, लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं, दवा बीच में न छोड़ें और परिवार व पड़ोसियों को भी जागरूक करें। गांवों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए दीवार लेखन, समूह बैठकें, आंगनबाड़ी केंद्रों में परामर्श और युवाओं व महिलाओं की बैठकें जैसी गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। ब्लॉक समन्वयक मीणा ने बताया कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि पंचायत स्तर से लेकर जिले तक टीबी मुक्त अभियान को जन आंदोलन बनाया जाए, ताकि आने वाले समय में सलूंबर को पूरी तरह टीबी मुक्त क्षेत्र घोषित किया जा सके।


