जयपुर डिजिटल टेरर के मामलों में देशभर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। यहां एक साल में 61 बार ई-मेल से बम धमाके की धमकियां दी गईं। इन सभी मामलों में प्रशासन, पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस टीम ने मौके पर पहुंचकर घंटों तलाशी ली, लेकिन हर बार सूचना अफवाह ही निकली। अब तक सिर्फ एसएमएस स्टेडियम में बम की झूठी धमकी देने वाली एक महिला का पता चल पाया है, जबकि बाकी मामलों में आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। लगातार मिल रही ये झूठी धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बन गई हैं। इससे न केवल शहर में दहशत फैलती है, बल्कि सरकारी संसाधनों का भी भारी दुरुपयोग होता है। भारत में वीपीएन की सुरक्षा, अपराधियों के लिए बनी ढाल
भारत में वीपीएन का उपयोग वैध है। इसका फायदा उठाकर कई अपराधी विदेशी सर्वरों या प्रॉक्सी के माध्यम से धमकी ई-मेल भेज देते हैं। ऐसे सर्वरों के कारण उन्हें ट्रेस करना कठिन हो जाता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सर्वर लॉग्स, मेटाडेटा और डिवाइस फॉरेंसिक के जरिए सही कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए तो आरोपियों तक पहुंचना संभव है। 29 बार निजी स्कूल, स्टेडियम काे 7, एयरपोर्ट को 4, हाई कोर्ट, सेशन काेर्ट व कलेक्ट्रेट को 11 बार धमकी
साल 2025 में अब तक जयपुर में कुल 61 बार बम होने की ई-मेल धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें 29 धमकियां निजी स्कूलों को, 7 बार एसएमएस स्टेडियम को, 4 बार एयरपोर्ट को, हाईकोर्ट, सेशन कोर्ट और कलेक्ट्रेट को 11 धमकियां, मेट्रो स्टेशन व विभिन्न अस्पतालों को 10 धमकियां मिल चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह केवल शरारत नहीं, बल्कि साइबर वॉरफेयर का रूप ले चुका है। जब तक पुलिस एवं साइबर फॉरेंसिक क्षमता को हाई-टेक अपराधियों से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा, तब तक शहर इस तरह के डिजिटल टेरर से जूझता रहेगा। हाई कोर्ट; फिर बम की धमकी, एक घंटे सुनवाई रोकी, आज चुनाव, जाब्ता मांगा जयपुर | हाई कोर्ट की जयपुर बेंच परिसर को लगातार तीसरे दिन भी बुधवार को बम धमाके की धमकी मिली। इस सप्ताह की शुरुआत से लेकर हर दिन हाई कोर्ट बेंच को बम की धमकी के ई-मेल मिल रहे हैं। इस महीने में 5 दिसंबर से लेकर बुधवार तक हाई कोर्ट बेंच को चौथी बार बम की धमकी मिली है, जबकि 31 अक्टूबर को पहली धमकी मिली थी। बम की धमकी के बाद हाईकोर्ट प्रशासन ने केसों की सुनवाई करीब एक घंटे के लिए टाल दी। इससे केसों की सुनवाई सुबह 11:30 बजे शुरू हो सकी। वहीं गुरुवार को हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के होने वाले चुनाव में प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा बल की मांग की है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर कोर्ट परिसर की जांच की और वकीलों व पक्षकारों को परिसर से बाहर भेज दिया। हाई कोर्ट चौकी प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि बम की सूचना मिलते ही पुलिस के बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की ओर से पूरे हाईकोर्ट परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच की गई। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस तैनात की गई है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रहलाद शर्मा का कहना है कि हाई कोर्ट परिसर में सुरक्षा के इंतजाम किए हैं, लेकिन यह गंभीर मुद्दा बन चुका है। रोजाना कौन यहां बम विस्फोट की धमकी दे रहा है। हाई कोर्ट बहुत ही संवेदनशील जगह है और कई अहम मुद्दों की यहां सुनवाई होती है।


