गढ़वा | उच्च न्यायालय झालसा रांची के दिशा निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गढ़वा मनोज प्रसाद के आदेश से एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के मार्गदर्शन में 10 दिसंबर को राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर गोवावल उच्च विद्यालय डुमरिया में माता सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद विद्यालय के प्राचार्य राकेश तिवारी ने मुख्य अतिथि एलएडीसीएस चीफ प्रवीण साहू को पुष्प गुच्छ एवं अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को मूल रूप देते हुए बच्चियों के द्वारा स्वागत गान की प्रस्तुति दी गई। मुख्य अतिथि द्वारा विचार व्यक्त करते हुए कानूनी बिंदुओं, मौलिक अधिकार, पोक्सो एक्ट, किसी तरह की घटना होने पर पुलिस के समक्ष बच्चियों को निर्भीक होकर अपनी बातों को बताना चाहिए ताकि अभियुक्तों पर कानूनी कार्रवाई की जा सके की जानकारी दी गई। पीएलवी मुरली श्याम तिवारी ने मानव अधिकारों की चर्चा करते हुए सरकार द्वारा बाल श्रम आयोग, सूचना आयोग, मानवाधिकार आयोग जैसे कई आयोग की गठन एवं शिक्षा के अधिकार पर प्रकाश डालें। पीएलवी कृष्णानंद दुबे के द्वारा मानव अवत्तरण से लेकर मानव जीवन की अंतिम पड़ाव तक मनुष्य के सभी अधिकारों की चर्चा करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उद्देश्य एवं निशुल्क कानूनी सहायता पर प्रकाश डालते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम से अवगत कराते हुए उसके दुष्परिणाम के बारे में विस्तृत रूप से बतलाया गया। मंच संचालन शिक्षक लवलेश शुक्ला एवं धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक जीतेश गुप्ता ने दिया। इस अवसर पर पीएलवी वीरेंद्र साह, नरेश चौधरी, विद्यालय के सभी शिक्षक /शिक्षिकाएं एवं लगभग 130 बच्चे-बच्चियां उपस्थित थे।


