अमृतसर| भाजपा प्रदेश इकाई के प्रवक्ता और सिख चिंतक प्रोफेसर सरचांद सिंह ख्याला ने श्री अकालतख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा ‘वीर बाल दिवस’ का नाम बदलने को लेकर पंजाब के सांसदों को पत्र लिखना शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली नेतृत्व की राजनीतिक अक्षमता को स्वीकार करना करार दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब शिरोमणि कमेटी और अकाली नेतृत्व इतना मजबूत हुआ करता था कि उनके एक संकेत पर सरकारें तक हिल जाती थीं। पर आज हालात यह हैं कि स्वयं जत्थेदार को भी अकालियों के राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पंजाब के अन्य पार्टी से संबंधित सांसदों का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने आग्रह किया कि तथ्य स्पष्ट रूप से समझे जाएं कि साहबजादों की शहादत को राष्ट्रीय स्तर पर बाल दिवस के मनाने की पुरजोर मांग स्वयं सिख पंथ की ओर से लंबे समय से उठाई जाती रही है।


