जीएनएम फर्स्ट ईयर सप्लीमेंट्री परीक्षा:बीकॉम पास युवती दूसरे की जगह दे रही थी नर्सिंग की परीक्षा, धोखाधड़ी का केस दर्ज

जीएमसी नर्सिंग कॉलेज में जीएनएम फर्स्ट ईयर सप्लीमेंट्री परीक्षा-2025 में गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। मूल परीक्षार्थी की जगह दूसरी युवती चौथी मंजिल तक पहुंचकर परीक्षा देती पकड़ी गई। प्रवेश पत्र की जांच में वह पकड़ी गई। कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर कोहेफिजा पुलिस ने छात्रा, युवती और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार 9 दिसंबर को दोपहर दो बजे से पांच के बीच जीएमसी नर्सिंग कॉलेज, हमीदिया अस्पताल में फर्स्ट ईयर की सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित हुई थी। इसमें आरएमडी जैन इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, भोपाल की विद्यार्थी अनु कुमारी को शामिल होना था। अनु नालंदा, बिहार की रहने वाली है और संस्थान के हॉस्टल में रहती है। परीक्षा में अनु कुमारी की जगह पर शिव नगर, हिनोतिया अशोका गार्डन निवासी सानिया अली परीक्षा हॉल में पेपर हल करते हुए पकड़ी गई। प्रवेश पत्र जांच के दौरान पर्यवेक्षक ने उसकी पहचान संदिग्ध पाई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ में सानिया अली ने बताया कि वह बीकॉम तक पढ़ी है और अपने मौसेरे भाई कलीम के कहने पर परीक्षा देने आई थी। प्रिंसिपल राधिका जे. नायर और परीक्षा निरीक्षणकर्ता डॉ. निशा सिंह रावत ने कोहेफिजा थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने सानिया अली और कलीम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर आरती धुर्वे का कहना है कि सानिया केवल इतना बता पाई कि वह कलीम के कहने पर परीक्षा में शामिल हुई थी। अनु कुमारी और कलीम की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सानिया परीक्षा हॉल तक कैसे पहुंच गई और प्रवेश स्तर पर जांच कैसे विफल हुई। जिन धाराओं में केस दर्ज , उनमें सात साल तक सजा का प्रावधान 1. धारा 319(2) – किसी और का रूप धारण करके धोखा देना: अगर कोई व्यक्ति किसी और के नाम, पहचान या रूप का झूठा इस्तेमाल करके धोखा देता है, जैसे किसी दूसरे के नाम से कागज़ बनवाना, साइन करना, पहचान दिखाना या फर्जी तरीके से लाभ लेता है तो यह धारा 319(2) में अपराध है। सजा : अधिकतम 5 साल की जेल, या जुर्माना, या दोनों।
2. धारा 318(4) – बेईमानी से किसी को संपत्ति लेने के लिए प्रेरित करना / कागजात में धोखाधड़ी: अगर कोई व्यक्ति किसी को ऐसी बातों पर भरोसा दिलाकर बेईमानी से संपत्ति दिलवाने या लेने के लिए उकसाता है, या जानबूझकर कागजात में बदलाव, फेरबदल या गलत जानकारी देकर धोखा करता है तो वह धारा 318(4) के तहत अपराध है।
सजा : अधिकतम 7 साल की जेल।
3. धारा 61(2) – आपराधिक षड्यंत्र (साजिश करना)
अगर दो या दो से ज्यादा लोग मिलकर कोई अपराध करने की योजना बनाते हैं, और यह योजना किसी ऐसे अपराध के लिए है जिसमें सजा तय है, तो यह आपराधिक साजिश मानी जाती है।
सजा : अधिकतम 6 महीने की जेल, या जुर्माना, या दोनों।

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