दतिया मेडिकल कॉलेज में अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह के निर्णयों से चिकित्सकों में नाराज़गी बढ़ गई है। डॉक्टरों ने डीन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि अधीक्षक मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि डॉ. अर्जुन को तत्काल पद से हटाया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि उनके काम करने के तरीके से कॉलेज का अनुशासन, कार्यप्रणाली और चिकित्सकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। यह स्थिति संस्था की प्रतिष्ठा और शासन की मंशा के लिए चिंता का विषय बताई गई। ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. अर्जुन को केवल कार्य सुविधा के आधार पर अधीक्षक का प्रभार दिया गया, जबकि यह निर्णय लेने का अधिकार न तो डीन के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। चिकित्सकों ने इसे नियम विरुद्ध बताया। लोकायुक्त प्रकरण और दंड का भी जिक्र डॉक्टरों का आरोप है कि डॉ. अर्जुन लोकायुक्त प्रकरण क्रमांक 0344/ई/2021-22 में दोषी पाए गए थे। विभागीय जांच समिति की अनुशंसा के बाद उन्हें दंडित भी किया गया था, इसके बावजूद उन्हें पद से नहीं हटाया गया। डॉक्टरों ने इसे अवैधानिक बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को कॉलेज के सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बनाए रखना संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाता है। नीतीगत प्रस्तावों पर गलत कार्रवाई के आरोप ज्ञापन में दावा किया गया कि नियम विरुद्ध अधीक्षक द्वारा कई निर्णय लिए जा रहे हैं। इनमें डॉक्टरों पर अनुचित कार्रवाई, अनुपस्थिति मानकर वेतन कटौती जैसी कठोर कार्रवाइयां शामिल हैं। चिकित्सकों ने कहा कि इससे कार्य वातावरण खराब हो रहा है। योग्य व्यक्ति को प्रभार सौंपने की मांग डॉक्टरों ने डीन से अनुरोध किया कि अधीक्षक का प्रभार किसी योग्य, सक्षम और ईमानदार चिकित्सक को नियम अनुसार सौंपा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे वरिष्ठ कार्यालय के समक्ष अपना पक्ष रखने को बाध्य होंगे।


