अशोकनगर जिले में साल की आखिरी नेशनल लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को किया जाएगा। यह लोक अदालत जिला न्यायालय के साथ-साथ चंदेरी, मुंगावली और ईसागढ़ में भी आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर आयोजित हो रही इस अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी समझौते से अधिक से अधिक मामलों का निराकरण करना है। लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए प्रधान जिला न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा ने जिला न्यायालय परिसर से एक प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बताया कि यह वाहन जिले भर में घूमकर आमजन को लोक अदालत के महत्व और इसके लाभों के बारे में जागरूक करेगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। स्वयं या वकील के माध्यम से कर सकते हैं संपर्क
ऐसे पक्षकार जिनके मामले न्यायालयों में लंबित हैं, या ऐसे विवाद जो भविष्य में न्यायालय तक जा सकते हैं (प्री-लिटिगेशन), वे इस लोक अदालत का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए पक्षकार स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अशोकनगर या तहसील विधिक सेवा समिति (चंदेरी, मुंगावली और ईसागढ़) के न्यायालयों में संपर्क कर अपने मामलों का निराकरण करवा सकते हैं। फीस वापसी और आपसी सुलह का मौका
लोक अदालत के माध्यम से मामलों का निपटारा होने पर दोनों पक्षों के बीच की वैमनस्यता समाप्त हो जाती है और इसे दोनों की जीत माना जाता है। खास बात यह है कि प्री-लिटिगेशन स्तर पर दर्ज होने वाले मामलों में कोई कोर्ट फीस नहीं लगती है। वहीं, न्यायालय में लंबित मामलों में समझौता होने पर पहले जमा की गई कोर्ट फीस वापस कर दी जाती है।


