अस्पताल ने जिन्हें स्टाफ दिखाया, उन्होंने कमिश्नर से की शिकायत:गैरकानूनी तरीके से की डिग्री इस्तेमाल; विभाग से मिली थी क्लीन चिट, CMHO कार्यालय पर प्रदर्शन

राजधानी के अरनव अस्पताल में दिखाए गए नर्सिंग स्टाफ ने खुद पुलिस कमिश्नर और सीएमएचओ के सामने लिखित शिकायत दर्ज कराई कि उनका नर्सिंग रजिस्ट्रेशन बिना अनुमति के अस्पताल द्वारा गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल किया गया है। इस पूरे मामले ने न केवल अस्पताल में स्टाफ की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि निरीक्षण टीम की भूमिका पर भी गंभीर संदेह पैदा किया है। इधर, NSUI ने एनआरआई नर्सिंग कॉलेज और अरनव अस्पताल के कथित फर्जी निरीक्षण के खिलाफ सीएमएचओ कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें निरीक्षण रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताते हुए दोनों अधिकारियों के निलंबन और FIR की मांग की गई। शिकायत: अरनव में कभी नौकरी ही नहीं की
8 दिसंबर को ललिता यदुवंशी, प्रकाश और रोजी प्रवीण ने पुलिस कमिश्नर और सीएमएचओ को लिखित शिकायत दी कि अरनव अस्पताल ने उनके नर्सिंग रजिस्ट्रेशन का वर्षों से गैरकानूनी उपयोग किया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे कभी इस अस्पताल में कार्यरत ही नहीं थे, लेकिन अस्पताल ने निरीक्षण और दस्तावेजों में उन्हें स्टाफ दिखाकर मान्यता एवं सुविधा प्राप्त की। उन्होंने मांग की कि अस्पताल की पूरी जांच कर उसकी मान्यता रद्द की जाए और जिम्मेदारों पर धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में FIR की जाए। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आग्रह किया कि उन्हें जांच की हर कार्रवाई की सूचना दी जाए, ताकि सच सामने आ सके। निरीक्षण के विरोध में NSUI का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग NSUI ने सीएमएचओ कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। NSUI ने आरोप लगाया कि निरीक्षण टीम डॉ. रितेश रावत और डॉ. अभिषेक सेन ने 17 अक्टूबर को अस्पताल का फर्जी निरीक्षण कर शासन को गुमराह किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा बड़ा अपराध है। संगठन ने दोनों अधिकारियों के तत्काल निलंबन और FIR की मांग उठाई। NSUI का आरोप: 60% नर्सिंग स्टाफ फर्जी सामूहिक शिकायत फर्जीवाड़े का प्रमाण जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने बताया कि 8 दिसंबर को कई नर्सिंग स्टाफ ने पुलिस कमिश्नर, सीएमएचओ और NSUI को लिखित शिकायत दी, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि हमने अरनव अस्पताल में कभी काम नहीं किया, हमारे रजिस्ट्रेशन का अवैध उपयोग किया गया। तोमर ने दावा किया कि यह शिकायतें साबित करती हैं कि बड़े पैमाने पर फर्जी स्टाफ दिखाकर नर्सिंग कॉलेज को मान्यता दिलाने और अस्पताल को चलाने का प्रयास हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में सीएमएचओ कार्यालय के कुछ अधिकारी भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका की जांच जरूरी है। NSUI की 5 बड़ी मांगें:

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