बुरहानपुर जिले के वनग्राम मालवीर टांडा में चिकनगुनिया के तीन मरीजों की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा खंडवा जिला अस्पताल भेजे गए पांच ब्लड सैंपल में से तीन की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गांव में पिछले दो दिनों में 23 संभावित मरीज मिले थे, और गुरुवार को दो और संभावित मरीज मिलने से कुल संख्या 25 हो गई है। जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित मालवीर टांडा में तीन दिन पहले चिकनगुनिया जैसे लक्षणों वाले 20 मरीज सामने आए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने पांच मरीजों के रक्त के नमूने जांच के लिए खंडवा जिला अस्पताल भेजे थे, जिनकी रिपोर्ट गुरुवार को प्राप्त हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में सक्रियता दिखाते हुए टंकियों में भरे पानी को खाली करवाया और लार्वा को नष्ट करने का अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि चिकनगुनिया से पीड़ित मरीजों की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. आरके वर्मा ने बताया कि प्रभावित गांव में आशा कार्यकर्ता और एएनएम लगातार निगरानी कर रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकनगुनिया प्राणघातक बीमारी नहीं है और बुखार तथा जोड़ों के दर्द से पीड़ित तीनों पॉजिटिव मरीज धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। डॉ. वर्मा ने लोगों को घबराने के बजाय संक्रमित मच्छर के काटने के 2-3 दिन बाद अचानक बुखार, जोड़ों में दर्द या थकान महसूस होने पर तत्काल उपचार कराने की सलाह दी। एपिडेमियोलॉजिस्ट रविंद्र सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि मालवीर टांडा में लार्वा सर्वे, पीड़ितों का उपचार और फॉलोअप लगातार जारी है। इसके अतिरिक्त, मालवीर ग्राम से सटे अन्य गांवों जैसे मोहद, भावसा और जंबूपनी में भी बुखार के मरीजों की निगरानी की जा रही है। महाराष्ट्र और अन्य स्थानों से आने वाले मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी ली जा रही है ताकि संक्रमण के स्रोत का पता लगाया जा सके। देखिए तस्वीरें…


