पूर्व मिस-वर्ल्ड ईशिका ने शंकराचार्य सदानंद सरस्वती से ली दीक्षा:जबलपुर में बोली- रील नहीं रियल लाइफ हो खूबसूरत, गुरु ही दिखाते हैं भगवान तक पहुंचने का रास्ता

2017-18 में मिस इंडिया का खिताब जीतने वाली ईशिका तनेजा (31) अध्यात्म की राह पर चल पड़ी हैं। मंगलवार को जबलपुर पहुंची ईशिका तनेजा ने गुजरात के द्वारका धाम शारदा मठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती से गुरु दीक्षा ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह काफी समय से भटक रही थीं। सोच रही थी कि किस दिशा में जाएं। अब गुरु मिल गए हैं। ईशिका ने कहा कि अगर भगवान को पाना है, तो गुरु ही रास्ता दिखाते हैं। बहुत भाग लिए नेम-फेम के लिए ईशिका ने कहा कि सलाह से ज्यादा सलाह देने वाला महत्वपूर्ण होता है। अब जबकि शंकराचार्य स्वयं सलाह दे रहे हैं, तो ऐसा लग रहा है कि नेम-फेम के पीछे बहुत भाग लिए। अब सनातन धर्म के लिए काम करना है। ईशिका ने बताया कि बचपन से ही चाहती थी कि मेरा नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो और पूरी दुनिया इस नाम को जाने। इसलिए मिस इंडिया, फिर मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब जीता। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन यह भी लगने लगा था कि नेम और फेम का तब तक महत्व नहीं है, जब तक कि उसके जरिए लोगों की मदद न की जा सके। ईशिका ने कहा नाम कमाने से ज्यादा धर्म कमाना सही है, लोगों की मदद करना सही है। गौरतलब है कि मिस इंडिया पेजेंट में मिस पॉपुलेरिटी और मिस ब्यूटी विद ब्रेन का खिताब जीत चुकी ईशिका को 26 जनवरी 2016 को भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा “भारत की 100 सफल महिला” के राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। ​​​​​​​27 जनवरी, 2018 को ईशिका ने मलेशिया में मिस वर्ल्ड टूरिज्म बिजनेस वूमेन ऑफ द वर्ल्ड का ताज भी पहना था। फिल्म इंडस्ट्री से किया किनारा कई बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी ईशिका का अब फिल्म इंडस्ट्री से मोह भंग हो चुका है। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से अलविदा कह चुकी हूं। वहां सुख-शांति बिल्कुल भी नहीं है। ओटीटी आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री अलग ही दिशा में जा रही है। काफी समय से जीवन का रास्ता तलाश कर रही थी। इससे ज्यादा सौभाग्य की बात नहीं हो सकती कि शंकराचार्य जी ने मुझे दीक्षा देकर अपना शिष्य बनाया है। रील और रियल लाइफ में बहुत अंतर ईशिका ने बताया कि रील और रियल लाइफ में बहुत अंतर होता है। उन्होंने कहा कि रील मेड अप होती है, जबकि रियल लाइफ को फील किया जा सकता है। रियल लाइफ से आपके परिवार की, सोसाइटी की और स्वंय आपकी जिंदगी आगे बढ़ती है, इसलिए रील को नहीं बल्कि रियल लाइफ को सुंदर करने की जरूरत है। आज के समय में लोग रील पर सुंदर दिखने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया में अलग-अलग तरह से अपनी फोटो शेयर करते हैं, रियल छोड़ रील लाइफ में जीते हैं, पर उन्हें यह भी समझना जरूरी है कि रील नहीं रियल लाइफ ही हकीकत है। रियल सुंदर होगा तो रील की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

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