हरदा में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कानून व्यवस्था संबंधित समीक्षा बैठक में कलेक्टर आदित्य सिंह ने अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस बैठक में खनिज विभाग, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण, यातायात और अन्य विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। खनिज विभाग की कार्यवाही पर जोर कलेक्टर सिंह ने खनिज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि खनिज के अवैध परिवहन, भंडारण और उत्खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी रखी जाए और नियमित रूप से प्रकरण दर्ज किए जाएं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए कि खाद्य पदार्थों के विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों से नियमित रूप से सैम्पल लेकर उनकी जांच की जाए। अगर अमानक और अपमिश्रित खाद्य पदार्थ पाए जाएं, तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अनुसूचित जाति और जनजाति अत्याचार निवारण बैठक में कलेक्टर ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों को राहत राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। बताया गया कि अनुसूचित जाति अत्याचार के 54 प्रकरणों में 53.45 लाख रुपए और अनुसूचित जनजाति अत्याचार के 38 प्रकरणों में 38.75 लाख रुपए की राहत पीड़ितों को दी गई है, कुल 92 प्रकरणों में 92.20 लाख रुपए की राहत वितरित की गई है। कलेक्टर ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि जाति प्रमाण-पत्र के अभाव में राहत की प्रक्रिया में कोई रुकावट न आए और ऐसे मामलों में प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों का नियमित निरीक्षण करने और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सीएमओ को शहर में यातायात और वाहन पार्किंग व्यवस्था सुधारने और समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि अवैध शराब को विधिपूर्वक नष्ट किया जाए। साथ ही, वन विभाग और विद्युत वितरण कंपनी के संयुक्त दल को वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए गश्त करने के आदेश दिए। बैठक में डीएफओ अनिल चौपड़ा, एएसपी राजेश्वरी महोबिया, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से संबंधित कार्यों को तत्परता से पूरा करने की अपेक्षा की।


