गुरु नानक देव अस्पताल में रोजाना हजारों मरीजों का आना- जाना होता है। मगर यहां शौचालयों पर ताले जड़े होने के कारण खासकर महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई शौचालय तो ऐसे हैं जिनके दरवाजे टूटे हुए हैं और गंदगी के कारण इस्तेमाल करना मुश्किल है। इमरजेंसी में बने शौचालयों पर ताला लगा होने से महिलाएं परेशान रहती हैं। इमरजेंसी से बेबे नानकी की तरफ आते रास्ते में बनाए नए शौचालयों के बाहर न तो पुरुष लिखा है और न ही महिला। महिलाएं अंदर जाकर देखती हैं तो वह केवल मेल शौचालय है। यहां नया वॉशरूम बनाया गया, लेकिन महिलाओं के िलए सुविधा नहीं की गई। मंगलवार को महिलाएं भटकती दिखाई दी। अंत में उसने रेडियोलॉजी विभाग में आकर शौचालय का इस्तेमाल किया।
महिलाओं ने कहा िक वार्डों में भी शौचालय इतने गंदे हैं कि उन्हें इस्तेमाल करके अटेंडेंट भी बीमार हो जाए। बता दें कि जीएनडीएच में 180 सफाई कर्मचारी काम करते हैं, उसके बाद भी सफाई व्यवस्था मेंटेंन नहीं हो पा रही है। इमरजेंसी के ऊपर दूसरे फ्लोर पर शौचालय का टूटा दरवाजा। जीएनडीएच में सफाई व्यवस्था पर हर माह लाखों खर्च होते हैं मगर फिर भी सिस्टम में सुधार दिखाई नहीं दे रहा। कई जगह नल टूटे होने के कारण पानी नहीं आता। इमरजेंसी के दूसरे फ्लोर पर शौचालय का दरवाजा ही नहीं है। इसमें यदि कोई महिला अंदर जाती है तो दूसरी टूटे दरवाजे को पकड़कर खड़ी होती है। इस दरवाजे के गिरने से महिलाएं चोटिल भी हो सकती हैं।


