नेशनल सीड कॉर्पोरेशन परीक्षा का मामला:डेढ़ घंटे का ऑनलाइन पेपर, नकल करने वाले अभ्यर्थी पौन घंटे तक बैठे रहे, फिर स्क्रीन शेयर होते ही 10 मिनट में पेपर हल

नेशनल सीड कॉर्पोरेशन (एनएससीएल) ऑनलाइन परीक्षा-2024 की तकनीकी जांच में कई चौंकाने वाले बातें सामने आई हैं। यह परीक्षा डेढ़ घंटे की थी और निजी कंप्यूटर लैबों में आखिरी पारी में नकल ठेकेदारों की मदद से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी चुपचाप बैठे थे। पौन घंटे तक उनके कंप्यूटर पर कोई गतिविधि नहीं हुई। इसके बाद स्क्रीन शेयर हुई और 10 मिनट में पेपर हल हो गया। बता दें कि जयपुर कमिश्नरेट पुलिस और एटीएस-एसओजी को आखिरी पारी में दो सेंटर पर एग्जाम में नकल करने की जानकारी मिली थी। तकनीकी जांच के बाद 6 अभ्यर्थियों और 8 नकल गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर 6 कंप्यूटर लैबों को सील किया था। इन सेंटरों पर कुल 18 पारियों में 3310 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। अब पुलिस सभी पारियों की जांच कर रही है। शक है कि उनमें कुछ अभ्यर्थियों ने नकल की हाेगी। नेट बूट सॉफ्टवेयर सबसे सिक्योर, लेकिन एग्जाम करवाने का खर्च दुगना, इसलिए विंडोज पर करवाया ऑनलाइन एग्जाम में नेट बूट सॉफ्टवेयर सबसे सिक्योर है, लेकिन उसमें खर्च बहुत आता है। ऐसे में आधे खर्च पर विंडोज सॉफ्टवेयर से परीक्षा करवाई गई। नेट बूट सॉफ्टवेयर में जहां प्रति अभ्यर्थी 100 से 120 रुपए खर्च आता है, वहीं विंडोज में मात्र 40-50 रुपए प्रति अभ्यर्थी में परीक्षा हो जाती है। ऐसे में ऑनलाइन परीक्षा करवाने वाली कंपनियां नेट बूट का खर्च बचाने के लिए विन्डोज पर ही एग्जाम सॉफ्टवेयर बनाकर डाल देती हैं। विन्डोज ऑरिजनल सॉफ्टवेयर महंगा होने के कारण लोकल एग्जाम सेंटर अपने कंप्यूटरों में पायरेटेड सॉफ्टवेयर डालकर रखते हैं। ऐसे में रिमोट एक्सिस रोकने की काेई सिक्योरिटी नहीं हाेती। एग्जाम करवाने वाली कंपनी भी खर्च बचाने के लिए निजी व सस्ते सेंटराें का चयन करती है। इनकी जांच की भी कोई व्यवस्था नहीं होती। राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड ने उप महाप्रबंधक (सतर्कता), सहायक प्रबंधक (सतर्कता), प्रबंधन प्रशिक्षु, वरिष्ठ प्रशिक्षु और प्रशिक्षु के कुल 68 पदों के लिए एग्जाम करवाया था। कंप्यूटर आधारित टेस्ट के लिए एडमिट कार्ड 23 दिसंबर 2024 को जारी किए गए थे। कुल 100 नंबर के एग्जाम में 70 नंबर संबंधित विषय का पेपर था और 30 नंबर का पेपर समसामयिक मामले, सामान्य ज्ञान, कंम्प्यूटर व अंग्रेजी भाषा का था। उत्तर भारत के कुल 15 हजार अभ्यर्थियों ने एग्जाम दिए हैं। एग्जाम उत्तर प्रदेश की डीबीएस कंपनी की ओर से एक दर्जन से ज्यादा शहरों में आयोजित किया गया था।

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