सुविवि के 327 अशैक्षणिक कर्मचारी मंगलवार को 7वें दिन अनिश्चितकालीन हड़ताल पर उतर आए। समर्थन में एबीवीपी और एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी कूद पड़े। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ हंगामा रात आठ बजे तक जारी रहा। इस बीच, सुविवि कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा का एक बार 15 मिनट तो दूसरी बार करीब साढ़े तीन घंटे तक घेराव किया गया। गेस्ट हाउस के साथ ही प्रशासनिक भवन पर ताले भी जड़ दिए गए। हालांकि, रात आठ बजे सुलह की राह बनी और कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया। अब वे बुधवार से काम पर लौटेंगे। उन्हें एक जनवरी से 28 फरवरी तक (दो माह) का सेवा विस्तार दिया गया है। इससे पहले दोनों ही छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों ने दिनभर धरना-प्रदर्शन और विरोध जारी रखा। कुलपति कहना मान लो-बोरिया बिस्तर बांध लो। नहीं चलेगी-नहीं लगेगी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। कर्मचारी मांगें नहीं माने जाने तक 24 घंटे अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने पर अड़ गए। तेज सर्दी व सुरक्षा कारणों से 40 महिला कार्मिकों को रात की हड़ताल से मुक्त रखा गया। उन्हें सुबह 10 से शाम 5 बजे तक शामिल होने की छूट दी गई। उधर, छात्र संगठनों ने भी कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी। रात 8 बजे…2 माह के सेवा विस्तार पर राजी रात 8 बजे कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा के नेतृत्व में डीन-डायरेक्टर्स सहित तमाम पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से समझाइश की। सुविवि प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बताया कि कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा ने इन सभी का सेवा का विस्तार आगामी 28 फरवरी तक एसएफएबी के तहत ही करने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार के मार्ग मार्गदर्शन से नियमानुसार सेवा विस्तार करने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल तोड़ दी है। सभी कर्मचारी बुधवार से नियमित सेवाएं देंगे। दिनभर ये…गेस्ट हाउस, प्रशासनिक भवन पर ताले, प्रदर्शन-नारेबाजी सुबह 10 बजे – कर्मचारियों ने 24 घंटे की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की। छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन किया। एनएसयूआई ने प्रशासनिक भवन के गेट पर ताला लगा गया। यह करीब 12:30 बजे तक लगा रहा। हालांकि, इस दौरान वीसी मौजूद नहीं थीं। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष मोहित नायक के नेतृत्व में आर्ट्स कॉलेज के तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़, प्रदेश महासचिव गोपाल गायरी, समीर मेघवाल आदि मौजूद रहे। सुबह 11:30 बजे – सुविवि क्रीड़ा मंडल की एमबी कॉलेज ग्राउंड पर वेस्ट जोन महिला क्रिकेट प्रतियोगिता का कार्यक्रम चल रहा था। यहां मौजूद वीसी मिश्रा का एबीवीपी कार्यकर्ताओं व कर्मचारियों ने करीब 15-20 मिनट तक घेराव किया। दोपहर 3 बजे – एबीवीपी कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों ने सुविवि के गेस्ट हाउस के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। यहां कुलपति नई उत्तरपुस्तिकाओं के क्रियान्वयन, नई शिक्षा नीति-2020 में अग्रणी भूमिका पर आयोजित कार्यशाला में शामिल थी। उनका शाम 6:30 बजे तक घेराव हुआ। इस दौरान एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री कुलदीप सिंह, महानगर मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक, तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप सिंह सुवावत, इकाई सचिव गौतम बंधु, रौनकराज सिंह मौजूद रहे। कर्मचारी संगठन चाहता था ठेके पर न रखें, कई अन्य मांगें भी थीa हड़ताल के दौरान सुविवि कर्मचारी संगठन की मांग थी कि उनकी सेवा का विस्तार राज्य सरकार के राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल 2022 के तहत क्यों नहीं किया जा रहा है? जबकि सभी कार्मिक पिछले 3 साल से लेकर 25 साल से एसएफएबी के तहत सेवाएं देते आ रहे हैं। सुविवि में सेवाकाल के दौरान जिन कार्मिकों की मृत्यु हुई है उनके परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। संगठन अध्यक्ष नारायणलाल सालवी का कहना था कि कुलपति उनकी सेवा का विस्तार ठेका कंपनी के तहत कराना चाहती हैं। ये स्वीकार नहीं किया जाएगा। हड़ताल खत्म किए जाने की सहमति के बाद वे बोले- वीसी ने सेवा विस्तार के लिए सरकार से बात करने और कमेटी बनाने का आश्वासन भी दिया है।


