एसआई भर्ती-2021:सरकार ने जवाब नहीं दिया तो मानेंगे कि वह एजी व कमेटी की भर्ती रद्द करने की सिफारिश से सहमत: कोर्ट

आरपीए से जिलों में भेज गए ट्रेनी एसआई अब थानों में भेजे जा रहे हैं। ट्रेनी एसआई थानों में 8 सप्ताह व्यावहारिक प्रशिक्षण लेंगे। जिला एसपी इन एसआई को थानों व अन्य कार्यालयों में अटैच करने के आदेश जारी कर रहे हैं। करौली एसपी ने मंगलवार को आदेश जारी किया। उन्होंने 13 ट्रेनी एसआई में से चार को थाने में अटैच किया है। अन्य को एसपी कार्यालय व पुलिस लाइन में अटैच किया गया है। यह आदेश 31 दिसंबर को भर्ती बोर्ड की ओर से जारी निर्देश के आधार पर जारी किया गया है। उल्लेखनीय है कि सभी ट्रेनी एसआई की आरपीए में गत माह ट्रेनिंग पूरी हो गई थी। इसके बाद एक जनवरी को ही ट्रेनी एसआई को उनके आवंटित जिलों में भेजा गया था। यह आदेश जारी करने से पहले आरपीए ने पुलिस मुख्यालय से राय ली थी। इसके बाद भर्ती बोर्ड ने सभी ट्रेन एसआई को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए जिलों में भेजने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती-2021 के 859 पदों के मामले में राज्य सरकार को दो दिन में जवाब पेश करने को कहा है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने भर्ती को लेकर गुरुवार को जवाब नहीं दिया तो यह माना जाएगा कि वह एसआईटी की रिपोर्ट, एजी की राय व कैबिनेट कमेटी की भर्ती रद्द करने की सिफारिश से सहमत है। इस आधार पर ही अदालत मामले में अपना निर्णय दे देगी। अदालत ने सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह 9 जनवरी को होने वाली आगामी सुनवाई में एसआईटी की 13 अगस्त 2024 की रिपोर्ट, एजी की 14 सितंबर 2024 की विधिक राय व कैबिनेट कमेटी की उपसमिति की 7 व 10 अक्टूबर 2024 की बैठकों का विस्तृत रिकॉर्ड भी पेश करें। जस्टिस समीर जैन ने यह निर्देश कैलाशचन्द्र शर्मा व अन्य के प्रार्थना पत्र पर दिया। अदालत ने कहा कि यदि 18 नवंबर 2024 के आदेश में दिए गए निर्देशों के विपरीत जाकर कोई भी कार्रवाई या फील्ड पोस्टिंग दी जाती है तो इसके जिम्मेदार अफसर व व्यक्तियों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। यदि इस संबंध में कोई वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसे इसके दोषी अफसर या सक्षम प्राधिकरण से वसूला जाएगा। दरअसल, प्रार्थियों ने अदालत को बताया था कि पुलिस विभाग ने भर्ती पर यथास्थिति आदेश के बाद भी 31 दिसंबर के आदेश से एसआई भर्ती-2021 के ट्रेनी एसआई को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए जिला आवंटित करने के लिए कहा है। यह आदेश अदालती अवमानना है। मूल याचिका में पूरी भर्ती को ही रद्द करने का आग्रह किया है। सरकार ने अदालत के समय देने के बाद भी भर्ती को लेकर अपनी स्थिति नहीं बताई और ट्रेनी एसआई को फील्ड पोस्टिंग में भेज रहे हैं, जो गलत है, इसलिए ट्रेनी एसआई को जिला आवंटन वाले आदेश पर अंतरिम रोक लगाई जाए।

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