पोल्ट्री संचालक को अगवा कर फिरौती का था प्लान, हो गई हत्या, दो गिरफ्तार

क्राइम रिपोर्टर | बिलासपुर पोल्ट्री फार्म के संचालक की हत्या की वजह एक साल पहले हुआ विवाद और आर्थिक तंगी थी। आरोपियो ने पोल्ट्री संचालक को अगवा कर फिरौती का प्लान बनाया था। रात में पोल्ट्री फार्म का बोर खराब होने पर आरोपी उसे सरपंच के खेत का बोर चोरी करने ले गए। वहीं सब्जी काटने वाले चाकू से उसके गले पर वार किया। फिर जमीन पर गिराने के बाद उसके सीने पर कूदने लगे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गोंदिया और दूसरे को गांव से गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को बिलासा गुड़ी में एडिशनल एसपी अर्चना झा और एसीसीयू प्रभारी एएसपी अनुज कुमार ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोटा के ग्राम घोरामार में रविवार सुबह गांव के फेकू बंधानी तालाब में युवक का शव मिला था। शव पत्थर से बंधा हुआ था। उसके गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। पीएम रिपोर्ट में रीढ़ की हड्डी भी टूटी हुई मिली। मृतक धीरज साहू (25) गांव में पोल्ट्री फार्म चलाता था। ऐसे में पुलिस लेनदेन, लव एंगल, विवाद आदि के कई एंगल पर जांच कर रही थी। कोटा टीआई तोप सिंह नवरंग व उनकी टीम ने एसीसीयू के साथ मिलकर संदेह के आधार पर गांव के जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू (18) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने मुख्य आरोपी अनिल साहू (28) के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार की। अनिल महाराष्ट्र भाग रहा था। ऐसे में पुलिस की एक टीम उसके पीछे रवाना हुई और उसे बॉर्डर से पकड़कर लेकर आई। टीम की सफलता पर एसएसपी रजनेश सिंह ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है। हत्या के बाद आरोपियों के पास एक ही गमछा था। ऐसे में उन्होंने गमछे के दो टुकड़े किए। फिर शव को गमछे में बांधकर दोनों ने बाइक के बीच में बैठाकर उसे डेम तक ले जाया। तालाब के पास पत्थर से बांधकर शव को पानी में फेंक दिया और वहां से भाग निकले। अनिल ने आर्थिक तंगी से उबरने के लिए धीरज का अपहरण कर परिजन से फिरौती मांगने की योजना बनाई थी, लेकिन मामला उल्टा पड़ गया। आरोपी अनिल मिक्सचर मशीन का काम करता है। उसका साथी अंगद सीवी रमन यूनिवर्सिटी में बीए फर्स्ट ईयर का छात्र था। अंगद को अनिल से ड्राइविंग सीखना था, इसलिए उसने अनिल की योजना में उसका साथ दिया। घटना के दौरान आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे, जिससे शुरुआत में पुलिस को ज्यादा मदद नहीं मिली। लेकिन तीन दिन बाद मृतक का मोबाइल सरगांव में चालू हुआ। आरोपी ने उसे चालू कर फेंक दिया था और खुद महाराष्ट्र की ओर भागने लगा। पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर उसे गोंदिया के पास पकड़ा। वहीं उसका साथी गांव में ही गिरफ्तार हो गया।

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