सिरोही में कृषि विज्ञान केंद्र पर जनजातीय उप-योजना के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण एवं बैटरी चालित स्प्रेयर पंप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. बी. आर. चौधरी कृषि अनुसंधान केंद्र, मंडोर, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर द्वारा अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना–तिल एवं रामतिल के अंतर्गत यह कार्यक्रम हुआ। इस दौरान प्रगतिशील किसान गेनाराम गरासिया ने गांव खारा के 25 किसान समूहों को निशुल्क स्प्रे पंप दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलगुरु प्रो. वी.एस. जैतावत थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कृषि विकास के लिए किसानों और वैज्ञानिकों का सहयोग आवश्यक है। प्रो. जैतावत ने तिल के तेल के पोषण गुणों और स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला। साथ ही जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से प्रशिक्षण पर प्रतिक्रिया ली और वैज्ञानिकों को जनजातीय उप-योजना (TSP) के कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। क्षेत्रीय निदेशक अनुसंधान डॉ. एम.एल. मेहरिया ने बताया कि तिल के तेल की पौष्टिकता और औषधीय गुणों को देखते हुए कृषि विश्वविद्यालय अधिक तेल मात्रा वाली उन्नत किस्मों के विकास के लिए लगातार शोध कर रहा है। इसका उद्देश्य देश के बढ़ते खाद्य तेल आयात को कम करना है। प्रगतिशील किसान गेनाराम गरासिया ने स्थानीय भाषा में किसानों को रासायनिक खेती छोड़कर जैविक खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने खरपतवार नियंत्रण के लिए रासायनिक दवाइयों के बजाय कृषि उपकरणों का उपयोग करने और जंगली औषधीय पौधों से जैविक दवाइयां बनाकर खेतों में स्प्रे करने का सुझाव दिया। कृषि विज्ञान केंद्र, सिरोही के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष ने केंद्र की विभिन्न इकाइयों जैसे अजोला उत्पादन, वर्मीकम्पोस्ट, नर्सरी प्रबंधन और बीज उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को इन गतिविधियों से होने वाले लाभों के बारे में भी समझाया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. राकेश चौधरी और डॉ. नीलम गेट ने सफलतापूर्वक किया। दोनों वैज्ञानिकों ने किसानों को स्प्रेयर के सुरक्षित और कुशल संचालन, नोज़ल प्रबंधन, रखरखाव और खेत में इसके तकनीकी उपयोग के बारे में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के अंतर्गत 25 कृषकों को बैटरी चालित स्प्रेयर पंपों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, सिरोही का संपूर्ण स्टाफ सक्रिय रूप से उपस्थित रहा।


