भास्कर संवाददाता | पाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जोधपुर प्रांत का 60वां प्रांत अधिवेशन 7 जनवरी को ध्वजावतरण के साथ सम्पन्न हो गया। अधिवेशन में जोधपुर प्रांत से 1000 से अधिक छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। अधिवेशन में तीन प्रस्ताव भी पारित किए गए। इन प्रस्तावों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को मूल स्वरूप में लागू करने, उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार एवं राजस्थान का वर्तमान सामाजिक परिदृश्य को लेकर चर्चा हुई। तीनों प्रस्तावों को पारित किया गया जो राजस्थान सरकार को सौंपे जाएंगे। अधिवेशन में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविन्द नायक, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अश्वनी शर्मा, प्रांत अध्यक्ष डॉ हीराराम, प्रांत मंत्री पूनम भाटी, प्रांत संगठन मंत्री उपमन्यु सिंह राणा मौजूद रहे। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री गोविंद नायक ने पंच परिवर्तन विषय पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि भारत में हाल ही में देश की संस्कृति की रक्षा करना सबसे महत्वपूर्ण विषय के रूप में उभरा है। कहा कि पंच परिवर्तन में स्व का बोध अर्थात स्वदेशी, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, सामाजिक समरसता तथा कुटुंब प्रबोधन शामिल है। इन आचरण को अपने स्वभाव में लाने का सतत प्रयास करना होगा। प्रांत अध्यक्ष डॉ. हीराराम ने वर्ष 2024-25 की प्रांत कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए कहा कि जोधपुर प्रांत का यह अधिवेशन ऐतिहासिक अनुभवों का गवाह रहा है। प्रांत मंत्री पूनम भाटी ने बताया कि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता वर्ष भर परिसर में छात्र हितों को लेकर लड़ते है तथा समाज में व्याप्त समस्याओं को लेकर भी काम करते हैं।


