उज्जैन | सोसायटी फॉर प्राइवेट स्कूल डायरेक्टर्स ने मंगलवार को विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा को अशासकीय विद्यालय के संचालन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाध्यक्ष कोषाध्यक्ष महेश जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि इस वर्ष मान्यता नवीनीकरण के लिए विद्यालय भवन का पंजीकृत किरायानामा मांगा गया है जो संभव नहीं है, क्योंकि जो स्कूल ग्राम आबादी में निर्मित भवन में चल रहे हैं उनकी रजिस्ट्री एवं डायवर्सन नहीं होने नहीं होने से उनका पंजीकृत किरायानामा कराना संभव नहीं है। मान्यता नवीनीकरण में 30 हजार से 40 हजार तक की एफडी अनिवार्य की गई है जो छोटे विद्यालयों द्वारा वहन करना संभव नहीं है क्योंकि वे न्यूनतम शुल्क में गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह जो स्कूल 5 साल या उससे अधिक समय से संचालित किए जा रहे हैं, उन्हें स्थाई मान्यता जारी किए जाएं। विद्यालय में संचालित वाहनों का जीवनकाल 12 वर्ष कर दिया गया है। सामान्यत: जो बसें परिवहन में संचालित होती है वे एक दिन में 500 से 1200 किलोमीटर तक संचालित होती है। विद्यालय की बसों को एक दिन में अधिकतम 150 से 200 किलोमीटर ही चलाया जाता है। इस तरह स्कूल के वाहन का जीवनकाल 12 वर्ष करना अनुचित है। शहर अध्यक्ष जितेंद्र शिंदे ने बताया ज्ञापन में अनुरोध किया गया है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा जिस प्रकार फीस अधिनियम 2024 में 25,000 रुपए से शुल्क वाले स्कूलों को छूट प्रदान की गई है, उसी तरह उक्त सभी नियमों में भी छोटे विद्यालयों को शिथिलता प्रदान की जाए। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से जितेंद्र निगम, भारत सिंह चौधरी, प्रीति गुप्ता, मनीष रावल, देवेंद्र सिंह चौहान, रामकृष्ण सीरिया, नारायण सिंह पंवार, प्रेम सिंह परिहार, सावन सोनी, अर्जुन शर्मा मौजूद थे।


