अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ की ओर से कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी और उत्पीड़न के विरोध में रविवार, 14 दिसंबर को जयपुर में ‘संघर्ष चेतना महा अधिवेशन’ का आयोजन किया जाएगा। ये अधिवेशन वैशाली नगर स्थित खंडेलवाल ऑडिटोरियम में होगा। महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा और महामंत्री महावीर सिहाग ने बताया कि इस महा अधिवेशन में घटक संगठनों के शीर्ष नेतृत्वकर्ता और प्रदेश के सभी 41 जिलों के प्रतिनिधि राजधानी में एकत्रित होंगे। यहां वे कर्मचारियों की लंबित समस्याओं पर गहन मंथन करेंगे और सरकार की लगातार अनदेखी व संवादहीनता के खिलाफ राज्यव्यापी बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। इससे पहले, महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश के सभी जिलों में ‘संघर्ष चेतना यात्रा’ निकालकर कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया था। इस यात्रा के दौरान 41 जिलों और 300 से अधिक उपखंड मुख्यालयों पर कर्मचारियों से सीधा संपर्क किया गया था। महासंघ के जिला संयोजक बाबूलाल गुर्जर और कार्यकारिणी सदस्य दिनेश शर्मा ने बताया कि महासंघ ने सरकार से 11 सूत्रीय मांग पत्र पर कार्रवाई की मांग की है। इन मांगों में सभी विभागों के कार्मिकों को पदोन्नति के समान अवसर देने के लिए पदोन्नति विसंगति दूर करना, पुरानी पेंशन योजना से छेड़छाड़ बंद करना और सभी विभागों में स्पष्ट एवं पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करना शामिल है। अन्य प्रमुख मांगों में सभी संविदा कर्मियों को नियमित करना, आरजीएचएस योजना में की जा रही कटौतियां बंद करना, 9 अक्टूबर के एनपीएस पुनः लागू करने के आदेश को रद्द करना, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आठ सालों से बंद स्थानांतरण व लंबित डीपीसी करना, तथा कुछ विभागों में ऑनलाइन उपस्थिति के नाम पर दी जा रही प्रताड़ना को बंद करना शामिल है। महासंघ कार्यकारिणी सदस्य रामकुंवार यादव, अंजू यादव, बुधराम कसाना सहित विभिन्न साथी कर्मचारियों से संपर्क कर अधिक संख्या में अधिवेशन में पहुंचने का आग्रह कर रहे हैं और तैयारियों में जुटे हुए हैं।


