राजधानी जयपुर में सुविधा से ज्यादा परेशानी बन चुके BRTS कॉरिडोर को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। जयपुर विकास प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक में जयपुर में बने BRTS कॉरिडोर को हटाने का फैसला कर लिया गया है। जिसके तहत अब सीकर रोड और अजमेर रोड स्थित कॉरिडोर हटाया जाएगा। हालांकि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा BRTS कॉरिडोर को लेकर राज्य सरकार को अंतिम फैसले के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिस पर सहमति आने के बाद BRTS कॉरिडोर को हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। दरअसल, अजमेर रोड 200 फीट चौराहे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए NHAI द्वारा अंडरपास बनाने की योजना है। इस अंडर पास के निर्माण से अजमेर रोड स्थित BRTS कॉरिडोर 1 किलोमीटर में खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही NHAI की सीकर रोड पर भी अंडरपास बनाने की योजना है। जिसके बाद सीकर रोड का BRTS कॉरिडोर 1.2 किमी की लंबाई में खत्म हो जाएगी। इससे पहले झोटवाड़ा एलिवेटेड रोड के निर्माण और पानी पेच से राव शेखा सर्किल तक पहले ही BRTS कॉरिडोर खत्म हो चुका है। इससे पहले पूर्व कांग्रेस सरकार में तत्कालीन परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने कॉरिडोर को मौत का कुआं बताते हुए हटाने का फैसला किया था। लेकिन तब यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल नहीं माने थे। उस वक्त उन्होंने तर्क दिया था कि 169 करोड़ केंद्र की जेएनएनयूआरएम स्कीम में मिले हैं। ऐसे में BRTS कॉरिडोर को हटाने पर कई पचड़े होंगे। इसके बाद BRTS कॉरिडोर को हटाने को लेकर यूडीएच सचिव की अध्यक्षता में तीन आईएएस की कमेटी बनी, जिसकी रिपोर्ट ही नहीं आई। इसके। बाद मार्च 2022 में पूर्व यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा को जानकारी देते हुए कहा था कि जयपुर में विफल साबित हुआ BRTS कॉरिडोर हटाया नहीं जा सकता। क्यों कि केंद्र इसकी अनुमति नहीं दे रहा। बता दें कि साल 2007 में परिवहन प्रणाली की आवश्यकता के बाद जयपुर में BRTS कॉरिडोर की कल्पना की गई थी। पहले दो चरणों में 46 किलोमीटर लंबी बस आधारित यातायात प्रणाली का प्रस्ताव लिया गया था। जिसके लिए 50% राशि केंद्र सरकार, 20% राज्य सरकार और 30% जेडीए द्वारा खर्च की गई थी।


