वीरभद्र सिंह की अनदेखी पर भड़के कुलदीप राठौर:बोले- आयोजन समिति से बड़ी चूक हुई, माफी मांगनी चाहिए, BJP के नए ऑफिस पर निशाना

हिमाचल कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर मंडी में आयोजित जन संपर्क कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी। मगर छह बार के सीएम स्व. वीरभद्र सिंह की अनदेखी सियासी गलियारों में चर्चा का कारण बन रही। रैली स्थल पर लगे पोस्टरों से वीरभद्र सिंह की तस्वीर गायब रही। भाजपा भी इस पर सवाल उठा चुकी है। अब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और ठियोग से विधायक कुलदीप राठौर से जब मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होंने भी इस पर आपत्ति जताई। राठौर ने कहा- आयोजन समिति को इसका ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने कहा- वीरभद्र सिंह का हिमाचल के विकास में बड़ा योगदान रहा है। ऐसे में तीन साल के रिपोर्ट कार्ड वाले आयोजन से उनकी फोटो का गायब होना समिति की बड़ी चूक है। उन्होंने कहा- ‘आयोजन समिति को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।’ वीरभद्र के सम्मान में शिमला पहुंची थी सोनिया गांधी बता दें कि मंडी के पड्डल मैदान में भाषणों में भी वीरभद्र सिंह के नाम का जिक्र तक नहीं किया गया, वीरभद्र सिंह थोट ऑफ स्कूल का विद्यार्थी बताने वाले नेताओं ने भी उनका जिक्र नहीं किया। वह भी ऐसे वक्त में जब कुछ दिन पहले ही कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी खुद वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण को शिमला पहुंची थीं। लगभग 10 सालों से सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने वाली सोनिया ने भी वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचकर यह बताया था कि वीरभद्र सिंह का सियासी कद कांग्रेस में क्या था? मगर मौजूदा सरकार ने वीरभद्र सिंह को पोस्टर से ही गायब कर दिया। इसके खिलाफ पार्टी के भीतर से ही आवाज उठने लगी है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी वीरभद्र सिंह का फोटो गायब करने पर सवाल खड़े किए है। राठौर ने भाजपा पर साधा निशाना पूरे देश में आलीशान कार्यालय, इतना पैसा आया कहां से?” इस दौरान कुलदीप राठौर ने भाजपा पर भी जुबानी हमला बोला। उन्होंने कहा- भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज शिमला में एक और नए भव्य कार्यालय का भूमि पूजन करने आ रहे हैं, जबकि बीजेपी के पास पहले से ही पार्टी का राज्य कार्यालय दीपकमल में है। राठौर ने कहा- देशभर में भाजपा पांच सितारा स्तर के कार्यालय बना रही है। सवाल यह है कि भाजपा के पास इतना पैसा कहां से आया? कांग्रेस सत्ता में रहते हुए भी जिले-जिले में कार्यालय नहीं बना पाई और भाजपा आज हजारों करोड़ के फंड पर बैठी है। यह जांच का विषय है। राठौर ने सांसद अजय माकन द्वारा संसद में उठाए गए आंकड़े भी दोहराए और कहा- कुलदीप राठौर ने आरोप लगाया कि कई कंपनियां, जो ईडी और सीबीआई की जांच के दायरे में थीं, उन्होंने भाजपा को भारी फंडिंग की है। क्या यह फंड सरकारी कामों के बदले दिया गया? देश जानना चाहता है। उन्होंने भाजपा के बैंक खातों की जांच की भी मांग की।

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