बूंदी की लाखेरी रेलवे कॉलोनी के निवासी दूषित पेयजल आपूर्ति से परेशान हैं। मेज नदी में लगी पानी की मोटर में एक सांप फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में हड़कंप मच गया और उन्होंने रेलवे प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। यह घटना तब सामने आई जब मोटर जाम हो गई। रेलवे कर्मचारियों ने जांच की तो मोटर में फंसा मृत सांप मिला, जिसे बाद में हटा दिया गया। इस घटना ने कॉलोनी में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, लाखेरी रेलवे कॉलोनी और रेलवे स्टेशन पर पेयजल आपूर्ति के लिए मेज नदी से सीधे मोटर डालकर पानी लिया जाता है। इस पानी को बिना किसी फिल्टर के सीधे ही आपूर्ति किया जा रहा है, जिससे नदी के जीव-जंतु और गंदगी सीधे पानी के साथ घरों तक पहुंच रही है। जानकारी के अनुसार पेयजल को एक टैंक में स्टोर करके दूसरे टैंक में फिल्टर युक्त पानी जमा किया जाना चाहिए। हालांकि, संबंधित ठेकेदार पानी को फिल्टर किए बिना ही सीधे आपूर्ति कर रहा है। इससे जीव-जंतु, मिट्टी और गंदगी पानी के साथ टैंक में जमा हो जाती है, जिसके कारण एक ही टैंक का उपयोग किया जा रहा है। कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को टैंक की नियमित सफाई करवाकर ही पानी की आपूर्ति करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्टर प्लांट का रखरखाव भी सही तरीके से नहीं किया जाता है। पिछले दिनों भी रेलवे कॉलोनी में नलों में गंदा पानी आने की शिकायत अधिकारियों को की गई थी, लेकिन समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हो सका। इसके चलते कॉलोनी के निवासियों सहित रेल यात्रियों को भी दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।


