जिला कलेक्टर काना राम ने मकर संक्रांति और अन्य अवसरों पर चाइनीज मांझा, प्लास्टिक मांझा, अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे और खतरनाक सामग्री जैसे लोहा, कांच आदि के मिश्रण से बने मांझे बिक्री और निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 7 जनवरी की मध्यरात्रि से 6 मार्च 2025 की मध्यरात्रि तक लागू रहेगा। जिला कलेक्टर ने बताया कि चीनी मांझा अत्यधिक धारदार और बिजली का सुचालक होता है, जिससे पक्षियों और इंसानों को गंभीर चोटें लगने का खतरा होता है। यह दोपहिया वाहन चालकों, राहगीरों और पतंग उड़ाने वालों के लिए जानलेवा हो सकता है। विद्युत तारों के संपर्क में आने पर यह विद्युत आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है और पतंग उड़ाने वालों को भी गंभीर चोट पहुंचा सकता है। वहीं, हाईकोर्ट के पूर्व आदेशानुसार सवेरे 6 से 8 और शाम 5 से 7 बजे तक सभी प्रकार की पतंगबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध है। प्लास्टिक और अन्य सिंथेटिक पदार्थ से बने मांझे का निर्माण, विपणन और उपयोग भी प्रतिबंधित है। आदेश की अवहेलना करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन आमजन से अपील करता है कि पतंगबाजी के दौरान चीनी मांझे और खतरनाक सामग्रियों से निर्मित मांझे का उपयोग ना केवल पक्षियों और जानवरों के लिए बल्कि मानव जीवन के लिए भी गंभीर खतरा है, इसका उपयोग ना करें। आमजन इस आदेश का पालन करें और सुरक्षित मकर संक्रांति मनाएं।


