बूंदी की लाखेरी नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बुधवार को क्रमिक धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों पर मौखिक रूप सहमति तो बन गई, लेकिन पालिका प्रशासन इस सहमति को लिखित में नहीं देना चाहता। इसके चलते सफाई कर्मचारी क्रमिक धरने पर बैठ गये। कर्मचारी संगठन लिखित में समझौता चाह रहा है। लाखेरी पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर लंबे दौर के बाद मौखिक रूप से सहमति बन गई, लेकिन पालिका द्वारा लिखित मे समझौता नहीं करने से बात बिगड़ गई। इसके चलते सफाई कर्मचारियों ने क्रमिक धरने शुरू कर दिया। लिखित में समझौता नहीं करने पर सफाई कर्मचारी दीपक कुमार और विष्णु पालिका के सामने धरने पर बैठ गए। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक पालिका प्रशासन लिखित में मांगों को लेकर सहमति पत्र नहीं देगा तब तक क्रमिक धरना जारी रहेगा। लिखित समझौते पर अटकी बात
पालिका के सफाई कर्मचारी पिछले कई महीनों से अपनी मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई कर्मचारी मजदूर संघ के बैनर तले लामबंद थे। अपनी मांगों को लेकर संघ ने पालिका प्रशासन को कई बार ज्ञापन देकर अवगत करवाया। इसके चलते तीन बार हुई वार्ता के बाद कर्मचारियों की मांगों को लेकर मौखिक सहमति बनी, लेकिन पालिका प्रशासन ने सहमति को लिखित मे देने से मना करने से कर्मचारियों मे नाराजगी बढ़ गई। सफाई कर्मचारी अब लिखित मे समझौता करने की बात पर अड़ गये। इसके चलते धरना शुरू किया है। संघ के अध्यक्ष मुन्ना लाल ने बताया कि मौखिक सहमति बनने के बाद पालिका प्रशासन लिखित समझौता से पीछे हट गया। इससे सहमति का को लेकर कर्मचारियों मे सशंय बन गया। जब तक पालिका प्रशासन लिखित मे मांगों पर सहमति नहीं देगा तब तक धरना जारी रहेगा। इन मांगों पर बनी मौखिक सहमति
सफाई कर्मचारियों के 11 सूत्रीय मांग पत्र पर कमोबेश अधिकांश मांगों पर मौखिक में सहमति बन गई। इनमें कर्मचारियों के वर्क लोड को कम करने के लिए प्रत्येक कर्मचारी को पूर्व की भांति दो हल्कों में सफाई कार्य करवाने, वरिष्ठता तय कर सूची तैयार करने, जमादार पद पर भी वरिष्ठता का ध्यान रखने, कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान करने सहित सरकार द्वारा घोषित अवकाश का लाभ सफाई कर्मचारियों को देने पर मौखिक सहमति बनी है। पालिका ईओ मोती शंकर नागर का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बन गई है। बकाया एरियर का भुगतान किया जा रहा है। अन्य बातें लागू कर रहे हैं, लेकिन नियमों के चलते लिखित में सहमति देने में अड़चन है। पालिका प्रशासन नियमानुसार सफाई कर्मचारियों की मांगे मान चुका है। कंटेट : ओमपाल सिंह


