शहर में आधुनिक बस स्टैंड, बिजनेस हब, रेल लाइन, स्विमिंग पूल जैसे विकास कार्यों के कारण प्रॉपर्टी के दामों में भारी उछाल आया है। इसका असर बुधवार को धार नगरपालिका की ओर से निकाय की 23 दुकानों की नीलामी में देखने को मिला। नीलामी में 339 लोगों ने बंद लिफाफों में बोली लगाई। दुकानों की नीलामी में निकाय ने शासकीय बोली 9 लाख 20 हजार रूपए तय की थी। हालांकि, दुकानें 20 से 30 लाख रूपए की बोली में ली गई है। यह सरकारी बोली से 2 से 3 गुना अधिक है। नीलामी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई नगरपालिका ने उदय रंजन क्लब के पास 23 नई दुकानों का निर्माण किया था। 8 जनवरी को इनकी नीलामी निकाय परिसर में संपन्न हुई। नीलामी के लिए दोपहर 1 बजे तक बंद लिफाफों में बोली जमा कराई गई। समयसीमा के बाद आए लिफाफों को अस्वीकार कर दिया गया। सभी सीलबंद लिफाफों को जनप्रतिनिधियों और आवेदकों की मौजूदगी में खोला गया। दुकान नंबर के आधार पर लिफाफों की छंटनी कर उच्चतम बोली वाले आवेदकों को दुकानें आवंटित की गईं। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वीडियोग्राफी कराई गई। आवेदन फार्म से लाखों की आय 23 दुकानों के लिए निकाय से करीब 377 लोगों ने आवेदन पत्र खरीदे थे। प्रति फार्म की 2 हजार रुपए कीमत थी। इससे निकाय को 7 से 8 लाख रुपए की आय हुई। 339 लोगों ने बोली में हिस्सा लिया, जबकि शेष फार्म खरीदकर बोली में शामिल नहीं हुए। वेतन-भुगतान में होगी राहत 23 दुकानों की नीलामी से मिलने वाली राशि से निकाय में कर्मचारियों को नियमित के साथ एक माह का अतिरिक्त वेतन मिलने की संभावना हो गई है। दरअसल, सीएमओ डावर ने साधारण परिषद के सम्मेलन में कर्मचारियों के वेतन के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान दुकान नीलामी का हवाला दिया था। इधर निकाय में कई ठेकेदारों का भुगतान अटका होने से विकास कार्यों को गति नहीं मिल पा रही है। अन्य भुगतान भी होना है। ऐसी स्थिति में दुकानों से हुई आय निकाय के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी। इसके अतिरिक्त निकाय को प्रतिवर्ष किराये के रूप में हजारों रूपए प्राप्त होंगे। प्रतिवर्ष 2 प्रतिशत किराया भी बढ़ाना शर्तों में शामिल है।


