पोरबंदर में हेलिकॉप्टर क्रैश में शहीद पायलट सुधीर यादव का अंतिम संस्कार कानपुर के बिठूर घाट पर किया गया। पिता नवाब सिंह ने शहीद बेटे को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीद को एयरफोर्स के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। चचेरे भाई धीरेंद्र कुमार यादव ने मुखाग्नि दी। कानपुर देहात के मैथा स्थित हरकिशनपुर में पैतृक घर शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही हर तरफ चीखें गूंजने लगीं। मां-पिता और पत्नी की चीखों के बीच पार्थिव शरीर दरवाजे से उठा तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखों से आंसू छलक उठे। सुधीर यादव अमर रहें… के नारे गूंज उठे। पत्नी आवृत्ति बोलीं- सुधीर तुमने ये क्या कर दिया? हम सब तुम्हारे बिना कैसे रह पाएंगे? जाओ, जहां भी रहो, खुश रहना। मां चीखते हुए कहती रहीं- लल्ला तुम्हें देखकर जिया खुश हो जाता था। अब कैसे खुश रह पाऊंगी? जिंदगी भर के लिए तुमने सभी को रुला दिया। लल्ला… लौट आओ। हमारी खुशी लौटा दो… भगवान तूने क्या कर दिया? दरअसल, इंडियन कोस्टगार्ड का ICG ALH MK-III हेलिकॉप्टर ध्रुव रविवार, 5 जनवरी को नियमित उड़ान पर था। यह दोपहर 12.15 बजे गुजरात के पोरबंदर हवाई अड्डे के रनवे पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर के गिरते ही उसमें आग लग गई। इसमें 2 पायलट समेत 3 लोग सवार थे। हादसे में तीनों की जान चली गई। इनकी पहचान सुधीर कुमार यादव, मनोज प्रधान और सौरभ कुमार के रूप में हुई थी। सुधीर का पार्थिव शरीर मंगलवार को कानपुर ले जाया गया था। शहीद के अंतिम सफर से जुड़े अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए


