कोटा में एक युवती से कड़ा लेना सर्राफा व्यापारी के लिए सिर दर्द बन गया है। कड़ा चोरी का निकला। सर्राफा व्यापारी का कहना है कि पुलिस को कड़ा जब्त करवा दिया गया है लेकिन उसके बाद भी पुलिस बार बार परेशान कर रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि कड़ा जब्त नहीं हुआ है। इधर, कोटा में सर्राफा व्यापारी पुलिस पर इसी तरह बार बार परेशान करने का आरोप लगाते हुए अब आंदोलन की तैयारी में है। व्यापारी कमला ज्वैलर्स के अक्षय जैन ने बताया कि उसके व उसके पिताजी के पास पिछले कई वर्षों से अब्दुल खलील और उसका परिवार लेनदेन करता आ रहा है। उसकी बेटी शाहीन शेख 11 नवंबर को एक सोने का कड़ा जो 24 ग्राम का था लेकर दुकान पर आई। उसने कहा कि उसकी मां की हालत खराब है और बीमारी में इलाज के पैसों की जरूरत पड़ रही है इसलिए कड़ा बेचना है। वह दुकान पर कड़ा बेचकर गई। इसके थोड़े दिन बाद बून्दी पुलिस सदर थाना के एएसआई अशोक उसको जीप में बैठाकर दुकान पर आए, उनके साथ शाहीन भी थी। पुलिस ने यह कड़ा चोरी का बताया। व्यापारी अक्षय जैन ने उनको बताया कि लिखा पढी कराकर उस कड़े को 2 लाख पांच हजार रुपए दिए है। लेकिन पुलिस ने कहा कि कड़ा चोरी का है ऐसे में जब्त करना होगा। इस पर दुकानदार ने कड़ा बेचने वाली युवती से पैसे दिलवाने को कहा। इस पर पुलिसकर्मियों ने कोई सुनवाई नहीं की और 10 दिसम्बर को कड़ा ले लिया लेकिन सुपुर्दगीनामा नहीं दिया। 11 दिसंबर को सीआई भंवरलाल फिर उस चोर को लेकर दुकान पर पहुंचे। नियम के अनुसार ही खरीद किया था वापस उस कड़े की जब्ती की बात कहने लगे और अपशब्द कहे। व्यापारी अक्षय ने बताया कि पहले ही एएसआई को कड़ा दिया जा चुका है और जब्ती करवा दी लेकिन उसके बाद भी सीआई बार बार ये कहते रहे कि कोई कड़ा जब्त नहीं किया गया है। इसी को लेकर उसे परेशान किया जा रहा है। सर्राफा व्यापारियों ने कहा कि पुलिस जानकर व्यापारी को परेशान कर रही है। कोटा में सर्राफा एसोसिएशन ने परफॉर्मा तय कर रखा है जिसके आधार पर ही ग्राहक से माल खरीदा जाता है। फॉर्म को भरकर अटेस्टेड करवाकर माल लेते है। ग्राहक के साइन उस पर होते हैं उसका आधार लिया जाता है। व्यापारी का कहना है कि उसने कड़ा लिया और उसके रूपए भी दे दिए। माल चोरी का है तो उसे जब्त भी करवा दिया। लेकिन नुकसान तो व्यापारी का हुआ। पुलिस उसके रुपयों की भी रिकवरी करवाए। इसके उलट उसे परेशान किया जा रहा है। व्यापारियों ने कहा कि अगर ऐसे ही बार बार व्यापारियों को परेशान किया तो बाजार बंद करवाए जाएंगे और आंदोलन होगा। वहीं बूंदी सदर सीआई भंवर सिंह के अनुसार कडा चोरी का था उसकी अभी तक जब्ती नहीं हुई है।


