अजमेर के जेएलएन अस्पताल की सर्जरी ओपीडी में शुक्रवार दोपहर दो बजे एक मरीज गश खाकर अचेत हो गया, जिसकी वहीं मौत हो गई। श्रीनगर निवासी रमेश पुत्र दल्ला कहार (33) को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद दो दिन पहले टीबी चेस्ट यूनिट में भर्ती किया कराया गया था। चिकित्सकों ने शॉर्ट ऑफ ब्रीद की शिकायत बताई थी। उसे दो दिन से नेबुलाइज भी किया जा रहा था। शुक्रवार को टीबी चेस्ट यूनिट से मरीज को परिजन के साथ अकेले ही 500 मीटर दूर जेएलएन की मुख्य बिल्डिंग में सर्जरी ओपीडी में जांच के लिए भेज दिया जहां ओपीडी में ही युवक ने दम तोड़ दिया। हालत ये है कि जेएलएन अस्पताल में गंभीर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में बचाव के लिए सीपीआर और उपचार के अन्य उपायों को लेकर टीवी स्क्रीन पर डिस्प्ले किया जा रहा है। लेकिन गश खाकर गिरे मरीजों को स्टाफ ने सीपीआर देने की कोशिश तक नहीं की। लापरवाही पर जवाब मांगते सवाल जिम्मेदारों ने ये कहा… क्या है शॉर्ट ऑफ ब्रीद सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना, सांस लेने की समस्या, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी, अस्थमा, निमोनिया, एनीमिया या अन्य किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे मरीजों को शॉर्ट ऑफ ब्रीद लिखकर तुरंत अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया जाता है। शॉर्ट ऑफ ब्रीद एक ऐसा लक्षण है जिसे डॉक्टर मरीज की स्थिति को समझने और निदान करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। (रिपोर्ट-मनीषसिंह चौहान, अजमेर)


