अलवर शहर के सानिया अस्पताल में खैरथल के नांगल सतोकड़ा निवासी 50 साल की महिला शीला देवी की पथरी का ऑपरेशन करने के बाद मौत हो गई। महिला के भाई व परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ लापरवाही से इलाज करने का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला की शुक्रवार रात अस्पताल में वेंटिलेटर पर ही मौत हो गई। खैरथल–तिजारा जिले के नांगल सतोकड़ा गांव निवासी 44 वर्षीय शीला देवी पत्नी सतीश जाटव को नवंबर माह में 24 एमएम की पथरी की शिकायत पर सानिया अस्पताल अलवर में भर्ती कराया गया था। यहां भामाशाह योजना के तहत दूरबीन से पथरी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के करीब दस दिन बाद महिला की तबीयत दोबारा बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि पहले ऑपरेशन में कमी पाए जाने के बाद डॉक्टर ने बाईपास ऑपरेशन करने की सलाह दी। दूसरा ऑपरेशन होने के बाद भी महिला का ब्लड नहीं रुका। इस दौरान तीन से चार यूनिट खून चढ़ाया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर नरेंद्र गोयल ने इलाज को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दिया। भामाशाह कार्ड से इलाज कराया गया। इसके बावजूद एक रात पहले ही 10 हजार रुपए लिए गए। पहले खून की कमी बताते रहे। बाद में ब्लिडंग नहीं रुकने की बात आई। डॉक्टर ने साफ तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। शुक्रवार को महिला की हालत गंभीर होने पर उसे वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां देर रात करीब 12 बजे उसकी मौत हो गई। मृतका के भाई लालचंद जाटव ने डाक्टर पर लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाते हुए एनईबी थाने में मामला दर्ज कराया है। मृतका के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। एक बेटी और बेटे का विवाह हो चुका है, जबकि पति पेशे से किसान है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


